📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Avrajyoti Mitra
अपराध
CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली HC में दायर किया मामला, केस क्राइम ब्रांच को सौंपे गए
✍️ The Times of India
🗓 21 अक्टू. 2026, 07:31 AM
👁 45
CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिससे मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया।
दिल्ली – CJP से जुड़े दो अधिकारियों सौरव दास और आशुतोष रांका ने एक चल रहे मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में औपचारिक जांच की आवश्यकता बताई गई और अदालत से उचित जांच कार्रवाई का निर्देश मांगा गया।
सुनवाई करने वाले न्यायाधीश ने मामले को क्राइम ब्रांच को सौंपने का आदेश दिया, जो जटिल या गंभीर अपराधों की जाँच करने वाली दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई है। यह हस्तांतरण सामान्य प्रक्रिया के तहत किया गया है, जब मामले को विस्तृत फोरेंसिक और जांच विशेषज्ञता की जरूरत होती है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि क्राइम ब्रांच को सौंपना किसी दोष का संकेत नहीं देता, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि जांच एक समर्पित कानून प्रवर्तन एजेंसी के अधिकार क्षेत्र में आगे बढ़े। इस आदेश के तहत ब्रांच साक्ष्य इकट्ठा करेगी, गवाहों से पूछताछ करेगी और आगे की न्यायिक कार्यवाही के लिए रिपोर्ट तैयार करेगी।
यह कदम न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है, जो कोर्ट में दायर मामलों को पुलिस जांच में परिवर्तित करने की देखरेख करता है, विशेषकर जब सार्वजनिक अधिकारियों या संवेदनशील मुद्दों से जुड़ा हो।
क्राइम ब्रांच की जांच शुरू होते ही आगे की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
सुनवाई करने वाले न्यायाधीश ने मामले को क्राइम ब्रांच को सौंपने का आदेश दिया, जो जटिल या गंभीर अपराधों की जाँच करने वाली दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई है। यह हस्तांतरण सामान्य प्रक्रिया के तहत किया गया है, जब मामले को विस्तृत फोरेंसिक और जांच विशेषज्ञता की जरूरत होती है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि क्राइम ब्रांच को सौंपना किसी दोष का संकेत नहीं देता, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि जांच एक समर्पित कानून प्रवर्तन एजेंसी के अधिकार क्षेत्र में आगे बढ़े। इस आदेश के तहत ब्रांच साक्ष्य इकट्ठा करेगी, गवाहों से पूछताछ करेगी और आगे की न्यायिक कार्यवाही के लिए रिपोर्ट तैयार करेगी।
यह कदम न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है, जो कोर्ट में दायर मामलों को पुलिस जांच में परिवर्तित करने की देखरेख करता है, विशेषकर जब सार्वजनिक अधिकारियों या संवेदनशील मुद्दों से जुड़ा हो।
क्राइम ब्रांच की जांच शुरू होते ही आगे की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।