📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
राजनीति
सीजेपी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को जमानत, सात दिन बाद जेल से रिहा
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 21 अक्टू. 2026, 08:31 PM
👁 20
कोकरोच जनता पार्टी के सह‑संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली के कोर्ट ने जमानत दी, सात दिन बाद जेल से रिहा होंगे।
दिल्ली के कोर्ट ने कोकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह‑संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को जमानत प्रदान की। इस आदेश के तहत दोनों नेताओं को अब हिरासत से मुक्त किया गया है, जबकि आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।
कोर्ट के दस्तावेज़ों के अनुसार, जमानत के शर्तों में सात दिन की अवधि निर्धारित की गई है, जिसके बाद वे जेल से बाहर आएंगे। इस संक्षिप्त सारांश में अतिरिक्त शर्तों का उल्लेख नहीं किया गया।
सीजेपी ने अभी तक इस जमानत निर्णय पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है। यह कदम पार्टी के नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पहले के आरोपों के चलते उनका नाम जांच के दायरे में आया था।
मामला अभी भी खुला है, और यदि नई साक्ष्य सामने आते हैं तो कोर्ट जमानत की शर्तों की पुनः समीक्षा कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जमानत का अर्थ बरी होना नहीं है, और जांच जारी रहेगी।
निर्धारित तिथि पर रांका और दास जेल से रिहा होकर अपनी राजनीतिक गतिविधियों को पुनः शुरू करेंगे, जब तक कि अदालत द्वारा कोई अतिरिक्त निर्देश न दिया जाए।
कोर्ट के दस्तावेज़ों के अनुसार, जमानत के शर्तों में सात दिन की अवधि निर्धारित की गई है, जिसके बाद वे जेल से बाहर आएंगे। इस संक्षिप्त सारांश में अतिरिक्त शर्तों का उल्लेख नहीं किया गया।
सीजेपी ने अभी तक इस जमानत निर्णय पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है। यह कदम पार्टी के नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पहले के आरोपों के चलते उनका नाम जांच के दायरे में आया था।
मामला अभी भी खुला है, और यदि नई साक्ष्य सामने आते हैं तो कोर्ट जमानत की शर्तों की पुनः समीक्षा कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जमानत का अर्थ बरी होना नहीं है, और जांच जारी रहेगी।
निर्धारित तिथि पर रांका और दास जेल से रिहा होकर अपनी राजनीतिक गतिविधियों को पुनः शुरू करेंगे, जब तक कि अदालत द्वारा कोई अतिरिक्त निर्देश न दिया जाए।