📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sridhar Elangovan
शिक्षा
सीजेआई सूर्यकांत ने पटना में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन अधिकार पर जवाब दिए
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 26 सित. 2026, 04:31 PM
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पटना के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में सीजेआई सूर्यकांत ने छात्रों के सवालों के जवाब देते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार की पुष्टि की और युवा वर्ग में नशे की लत को लेकर चिंता जताई।
मुख्य न्यायाधीश भारत, न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने पटना के लोकभवन में छात्रों के एक समूह को संबोधित करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक सुरक्षा पर सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत बिना हिंसा के सभा और प्रदर्शन का अधिकार है, बशर्ते सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे। किसी भी प्रतिबंध को कठोर न्यायिक जांच से गुजरना चाहिए।
छात्रों ने अन्य राज्यों में प्रदर्शन दमन के मामलों को उठाया, और सीजेआई ने बताया कि किसी भी प्रतिबंध के लिए स्पष्ट कानूनी आधार और उद्देश्य की आवश्यकता होती है, तथा वह अनुपातिक होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से जिम्मेदारी से लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने का आग्रह किया, और भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में महत्वपूर्ण आंदोलनों का उल्लेख किया।
सत्र के दौरान, न्यायाधीश ने बच्चों में नशे की लत के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता व्यक्त की और स्कूल, परिवार और पुलिस को मिलकर रोकथाम के कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्तिगत भविष्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सामाजिक समृद्धि को भी प्रभावित करता है।
छात्रों ने अन्य राज्यों में प्रदर्शन दमन के मामलों को उठाया, और सीजेआई ने बताया कि किसी भी प्रतिबंध के लिए स्पष्ट कानूनी आधार और उद्देश्य की आवश्यकता होती है, तथा वह अनुपातिक होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से जिम्मेदारी से लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने का आग्रह किया, और भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में महत्वपूर्ण आंदोलनों का उल्लेख किया।
सत्र के दौरान, न्यायाधीश ने बच्चों में नशे की लत के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता व्यक्त की और स्कूल, परिवार और पुलिस को मिलकर रोकथाम के कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्तिगत भविष्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सामाजिक समृद्धि को भी प्रभावित करता है।