📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Alnitak-Alnilam-Mintaka
राजनीति
सीजेआई ने जंतर मंतर प्रदर्शन से पहले 10,000 गिरफ्तारी को "आपातकाल" कहा
✍️ The Times of India
🗓 09 अक्टू. 2026, 11:32 AM
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मुख्य न्यायाधीश ने जंतर मंतर सभा से पहले देश भर में लगभग 10,000 लोगों की गिरफ्तारी को आपातकाल बताया।
मुख्य न्यायाधीश ने हालिया गिरफ्तारी को "आपातकाल" कहा, यह बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में जंतर मंतर में होने वाले प्रदर्शन से पहले लगभग 10,000 लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह बयान उन रिपोर्टों के जवाब में आया, जिनमें बताया गया था कि पुलिस ने संभावित भागीदारों, विरोधी दल के सदस्यों और अन्य सक्रियकों को पहले ही रोक लिया है।
सीजेआई के अनुसार, इस पैमाने की गिरफ्तारी सामान्य पुलिसिंग से अलग है और यह नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रश्न उठाती है। जबकि न्यायालय ने हिरासत में लिए गए लोगों की सटीक श्रेणी नहीं बताई, अधिकारियों का कहना है कि ये कार्रवाई सार्वजनिक व्यवस्था के उल्लंघन के आरोपों से जुड़ी है।
जंतर मंतर में होने वाला प्रदर्शन बड़े पैमाने पर लोगों को राजनीतिक सुधारों की मांग करने के लिए आकर्षित करेगा। सुरक्षा कारणों से पूर्व-रोकथाम के कदम उठाए गए हैं, पर आलोचकों का तर्क है कि इससे लोकतांत्रिक विरोध को दमन किया जा सकता है। सीजेआई की टिप्पणी ने कानून प्रवर्तन और शांति पूर्ण सभा के अधिकार के बीच संतुलन पर बहस को तेज कर दिया है।
हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की पहचान या उनके कानूनी प्रक्रिया के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है। निर्धारित प्रदर्शन की तिथि नज़दीक आने के साथ स्थिति में बदलाव संभव है।
सीजेआई के अनुसार, इस पैमाने की गिरफ्तारी सामान्य पुलिसिंग से अलग है और यह नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रश्न उठाती है। जबकि न्यायालय ने हिरासत में लिए गए लोगों की सटीक श्रेणी नहीं बताई, अधिकारियों का कहना है कि ये कार्रवाई सार्वजनिक व्यवस्था के उल्लंघन के आरोपों से जुड़ी है।
जंतर मंतर में होने वाला प्रदर्शन बड़े पैमाने पर लोगों को राजनीतिक सुधारों की मांग करने के लिए आकर्षित करेगा। सुरक्षा कारणों से पूर्व-रोकथाम के कदम उठाए गए हैं, पर आलोचकों का तर्क है कि इससे लोकतांत्रिक विरोध को दमन किया जा सकता है। सीजेआई की टिप्पणी ने कानून प्रवर्तन और शांति पूर्ण सभा के अधिकार के बीच संतुलन पर बहस को तेज कर दिया है।
हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की पहचान या उनके कानूनी प्रक्रिया के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है। निर्धारित प्रदर्शन की तिथि नज़दीक आने के साथ स्थिति में बदलाव संभव है।