📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
सीआईडी का 111 मिनट का बिना काट का एपिसोड, बीपी सिंह की सबसे बड़ी टेलीविजन परीक्षा
✍️ The Daily Jagran
🗓 29 अक्टू. 2026, 06:47 AM
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प्रसिद्ध भारतीय क्राइम ड्रामा सीआईडी ने एक रिकॉर्ड तोड़ने वाला 111 मिनट का एपिसोड प्रसारित किया है, जिसमें किसी भी विज्ञापन के लिए कट नहीं किया गया। यह शो रनर बीपी सिंह की एक महत्वपूर्ण प्रयोगात्मक पहल है।
लंबे समय से चल रहे भारतीय टेलीविजन सीरीज सीआईडी ने 111 मिनट तक चलने वाले एक रिकॉर्ड तोड़ने वाले एपिसोड को प्रसारित करके सुर्खियों में आ गई है। इस विशेष एपिसोड की खास बात यह थी कि इसे बिना किसी विज्ञापन के कट किए प्रसारित किया गया, जो भारतीय टेलीविजन के मानक प्रारूप में एक दुर्लभ घटना है।
इस तरह के लंबे और बिना रुके हुए सेगमेंट को प्रसारित करने का निर्णय शो के प्रमुख व्यक्ति बीपी सिंह द्वारा एक साहसिक प्रयोग के रूप में वर्णित किया गया है। सामान्य तौर पर होने वाले विरामों को हटाकर, निर्माताओं ने कहानी के प्रवाह को बनाए रखने और दर्शकों को बिना किसी बाधा के कहानी में डूबने का मौका देने का प्रयास किया।
यह कदम पारंपरिक प्रसारण प्रथाओं से एक महत्वपूर्ण विचलन है, जहां विज्ञापनों को शामिल करने के लिए एपिसोडों को आमतौर पर खंडों में बांटा जाता है। 111 मिनट की अवधि निर्माताओं की आत्मविश्वास को दर्शाती है कि कहानी की पकड़ इतनी मजबूत है कि दर्शक लंबे समय तक जुड़े रहेंगे।
यह एपिसोड अब शो के लिए एक ऐतिहासिक पल के रूप में चर्चा में है, जो भारतीय टेलीविजन में वैकल्पिक कहानी सुनाने के संरचनाओं के संभावित उपयोग को प्रदर्शित करता है। यह स्थापित फ्रैंचाइज़ियों की ओर से दर्शकों का रुझान ताज़ा करने के लिए रचनात्मक जोखिम उठाने की इच्छा को भी उजागर करता है।
इस तरह के लंबे और बिना रुके हुए सेगमेंट को प्रसारित करने का निर्णय शो के प्रमुख व्यक्ति बीपी सिंह द्वारा एक साहसिक प्रयोग के रूप में वर्णित किया गया है। सामान्य तौर पर होने वाले विरामों को हटाकर, निर्माताओं ने कहानी के प्रवाह को बनाए रखने और दर्शकों को बिना किसी बाधा के कहानी में डूबने का मौका देने का प्रयास किया।
यह कदम पारंपरिक प्रसारण प्रथाओं से एक महत्वपूर्ण विचलन है, जहां विज्ञापनों को शामिल करने के लिए एपिसोडों को आमतौर पर खंडों में बांटा जाता है। 111 मिनट की अवधि निर्माताओं की आत्मविश्वास को दर्शाती है कि कहानी की पकड़ इतनी मजबूत है कि दर्शक लंबे समय तक जुड़े रहेंगे।
यह एपिसोड अब शो के लिए एक ऐतिहासिक पल के रूप में चर्चा में है, जो भारतीय टेलीविजन में वैकल्पिक कहानी सुनाने के संरचनाओं के संभावित उपयोग को प्रदर्शित करता है। यह स्थापित फ्रैंचाइज़ियों की ओर से दर्शकों का रुझान ताज़ा करने के लिए रचनात्मक जोखिम उठाने की इच्छा को भी उजागर करता है।