📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / 대한민국 청와대
राजनीति
चो कुक ने पीपीपी की सांस्कृतिक आलोचना के खिलाफ ‘द असासिन(s)’ की रक्षा की
✍️ 조선일보
🗓 04 अक्टू. 2026, 02:37 PM
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दक्षिण कोरियाई शख्स चो कुक ने पीपीपी की सांस्कृतिक अभियान की आलोचना के खिलाफ ‘द असासिन(s)’ फिल्म की रक्षा की।
चो कुक, एक प्रमुख दक्षिण कोरियाई सार्वजनिक शख्स, ने ‘द असासिन(s)’ नामक फिल्म का समर्थन करने का बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस फिल्म का मूल्यांकन उसके कलात्मक गुणों के आधार पर होना चाहिए, न कि सत्तारूढ़ पीपल्स पावर पार्टी के सांस्कृतिक अभियान के तहत निशाना बनना चाहिए। पीपीपी ने राष्ट्रीय मूल्यों के विरुद्ध मानी गई कुछ रचनाओं को लेकर सार्वजनिक रूप से आवाज़ उठाई है। चो कुक की रक्षा इस बात को उजागर करती है कि कोरिया में कलात्मक स्वतंत्रता और राजनीतिक प्रभाव के बीच बढ़ती टकराव है। यह विवाद सरकार‑संबंधी समूहों और रचनाकारों के बीच रचनात्मक स्वायत्तता की लड़ाई को दर्शाता है।
सत्ताधारी पीपल्स पावर पार्टी ने अपने सांस्कृतिक पहल को सामाजिक मानदंडों की रक्षा के रूप में प्रस्तुत किया है। पार्टी के आलोचक तर्क देते हैं कि ऐसी स्थिति रचनात्मक अभिव्यक्ति को दबा सकती है। इस विवाद में चो कुक का हस्तक्षेप एक उच्च‑प्रोफ़ाइल आवाज़ जोड़ता है, जो कलात्मक मूल्यांकन को राजनीतिक एजेंडा से अलग रखने की महत्ता पर ज़ोर देता है।
अब तक किसी कानूनी कार्रवाई या औपचारिक प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है, और दोनों पक्ष सार्वजनिक मंचों और मीडिया में अपनी‑अपनी स्थितियों पर अडिग बने हुए हैं।
सत्ताधारी पीपल्स पावर पार्टी ने अपने सांस्कृतिक पहल को सामाजिक मानदंडों की रक्षा के रूप में प्रस्तुत किया है। पार्टी के आलोचक तर्क देते हैं कि ऐसी स्थिति रचनात्मक अभिव्यक्ति को दबा सकती है। इस विवाद में चो कुक का हस्तक्षेप एक उच्च‑प्रोफ़ाइल आवाज़ जोड़ता है, जो कलात्मक मूल्यांकन को राजनीतिक एजेंडा से अलग रखने की महत्ता पर ज़ोर देता है।
अब तक किसी कानूनी कार्रवाई या औपचारिक प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है, और दोनों पक्ष सार्वजनिक मंचों और मीडिया में अपनी‑अपनी स्थितियों पर अडिग बने हुए हैं।