📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Food Processing Industries
राजनीति
चिराग पासवान ने कहा, बिना गठबंधन समझौते के यूपी के सभी 403 सीटों पर लड़ सकते हैं
✍️ NDTV
🗓 05 नव. 2026, 09:31 PM
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लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने कहा कि यदि भाजपा के साथ सीट‑साझा समझौता नहीं हुआ तो वह उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं।
लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के प्रमुख चिराग पासवान, जो भाजपा के दीर्घकालिक सहयोगी हैं, ने एनडीटीवी को बताया कि यदि भाजपा के साथ सीट‑साझा समझौता नहीं हो पाता तो वह उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं।
पासवान ने इस बात को नागालैंड में पार्टी के पूरे राज्य में उम्मीदवार उतारने के उदाहरण से जोड़ते हुए कहा कि यह एक सिद्धांत है जिसे वह उत्तर प्रदेश में दोहराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम मतदाताओं को एक स्पष्ट विकल्प प्रदान करेगा और एलजेपी की सौदेबाजी शक्ति को बढ़ाएगा।
यह बयान भाजपा और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच चल रहे सीट‑वाटांटिंग वार्ताओं के बीच आया है, जहाँ सीटों का वितरण प्रमुख मुद्दा बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि पासवान की पूर्ण प्रतिद्वंद्विता की तैयारी भाजपा को एलजेपी को अधिक अनुकूल हिस्सेदारी देने पर मजबूर कर सकती है, अन्यथा यह कांग्रेस के विरोधी वोट को विभाजित कर सकता है।
पासवान ने अभी तक उम्मीदवारों की संख्या या समय‑सीमा का खुलासा नहीं किया, पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल गठबंधन वार्ताओं के परिणामस्वरूप ही लिया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश में चुनावी गठबंधनों की अस्थिर प्रकृति स्पष्ट होती है।
पासवान ने इस बात को नागालैंड में पार्टी के पूरे राज्य में उम्मीदवार उतारने के उदाहरण से जोड़ते हुए कहा कि यह एक सिद्धांत है जिसे वह उत्तर प्रदेश में दोहराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम मतदाताओं को एक स्पष्ट विकल्प प्रदान करेगा और एलजेपी की सौदेबाजी शक्ति को बढ़ाएगा।
यह बयान भाजपा और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच चल रहे सीट‑वाटांटिंग वार्ताओं के बीच आया है, जहाँ सीटों का वितरण प्रमुख मुद्दा बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि पासवान की पूर्ण प्रतिद्वंद्विता की तैयारी भाजपा को एलजेपी को अधिक अनुकूल हिस्सेदारी देने पर मजबूर कर सकती है, अन्यथा यह कांग्रेस के विरोधी वोट को विभाजित कर सकता है।
पासवान ने अभी तक उम्मीदवारों की संख्या या समय‑सीमा का खुलासा नहीं किया, पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल गठबंधन वार्ताओं के परिणामस्वरूप ही लिया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश में चुनावी गठबंधनों की अस्थिर प्रकृति स्पष्ट होती है।