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रक्षा
मां हिंदुस्तानी, बाप चीनी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 10 अग. 2026, 11:47 AM
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बालाघाट के एक परिवार का दावा है कि 1962 युद्ध में बंदी बने चीनी सैनिक ने भारत में बसकर भारतीय महिला से शादी की थी। अब उनकी तीसरी पीढ़ी को पिता की नागरिकता और जाति संबंधी नियमों के कारण जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा।
बालाघाट से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक परिवार अपने पूर्वजों की नागरिकता और जाति संबंधी नियमों के कारण परेशानी का सामना कर रहा है। परिवार का दावा है कि उनके दादा, जो एक चीनी सैनिक थे, 1962 के भारत-चीन युद्ध में बंदी बनाए गए थे। रिहा होने के बाद, उन्होंने भारत में बसने का फैसला किया और एक स्थानीय महिला से शादी की। अब इस परिवार की तीसरी पीढ़ी को उनके पिता की चीनी मूल के कारण जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में परेशानी हो रही है। परिवार इस मुद्दे का समाधान करने के लिए मदद मांग रहा है, जो लंबे समय से लंबित है।