📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Central Intelligence Agency
रक्षा
तिब्बत सीमा पर वापसी के बावजूद चीन ने अरुणाचल प्रदेश के विवादित क्षेत्र में कदम बढ़ाए
✍️ Tibetan Review
🗓 14 सित. 2026, 09:36 PM
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तिब्बत सीमा पर सैनिकों की संख्या घटाने के बावजूद, चीन ने अरुणाचल प्रदेश के विवादित क्षेत्र में कदम रखा, यह बात तिब्बत रिव्यू ने रिपोर्ट की।
नई दिल्ली के रक्षा विश्लेषकों ने बताया कि तिब्बत रिव्यू के अनुसार, चीन के सैन्य बलों ने अरुणाचल प्रदेश के विवादित हिस्से में प्रवेश किया है, जिसे भारत और चीन दोनों अपना मानते हैं। यह कदम तब आया है, जब बीजिंग ने तिब्बत सीमा पर अपनी तैनाती घटाने की सूचना दी थी, जिसे पहले शांति की ओर एक संकेत माना गया था।
अरुणाचल प्रदेश में इस आगे बढ़ने से नई दिल्ली को चीन की रणनीतिक दिशा में संभावित बदलाव के बारे में चिंता उत्पन्न हुई है। अधिकारियों ने सटीक स्थान या बलों की संख्या नहीं बताई, पर यह आरोप सीमा विवाद की नाजुक स्थिति को उजागर करता है।
भारत के रक्षा मंत्रालय ने इस स्थिति की समीक्षा करने और संभावित उल्लंघन को दूर करने के लिए कूटनीतिक उपायों की तलाश करने का संकेत दिया है। यह घटना दो परमाणु शक्ति देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों में नई जटिलता जोड़ती है, जिन्होंने इस क्षेत्र में पहले भी टकराव किया है।
हिमालयीय मामलों पर केंद्रित तिब्बत रिव्यू ने चीन के एक मोर्चे पर सैनिक घटाने और दूसरे मोर्चे पर आगे बढ़ने के विरोधाभास को उजागर किया, जिससे उसकी सीमा नीति में सूक्ष्म बदलाव का संकेत मिलता है।
अरुणाचल प्रदेश में इस आगे बढ़ने से नई दिल्ली को चीन की रणनीतिक दिशा में संभावित बदलाव के बारे में चिंता उत्पन्न हुई है। अधिकारियों ने सटीक स्थान या बलों की संख्या नहीं बताई, पर यह आरोप सीमा विवाद की नाजुक स्थिति को उजागर करता है।
भारत के रक्षा मंत्रालय ने इस स्थिति की समीक्षा करने और संभावित उल्लंघन को दूर करने के लिए कूटनीतिक उपायों की तलाश करने का संकेत दिया है। यह घटना दो परमाणु शक्ति देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों में नई जटिलता जोड़ती है, जिन्होंने इस क्षेत्र में पहले भी टकराव किया है।
हिमालयीय मामलों पर केंद्रित तिब्बत रिव्यू ने चीन के एक मोर्चे पर सैनिक घटाने और दूसरे मोर्चे पर आगे बढ़ने के विरोधाभास को उजागर किया, जिससे उसकी सीमा नीति में सूक्ष्म बदलाव का संकेत मिलता है।