📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Sachinghai09
Derivative work: Radomian
स्वास्थ्य
उत्तर प्रदेश में बच्चों की कुपोषण दर घटकर 31.5% हुई, NFHS‑6 रिपोर्ट
✍️ The Times of India
🗓 19 सित. 2026, 04:36 AM
👁 14
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS‑6) के अनुसार उत्तर प्रदेश में पाँच साल से कम उम्र के कुपोषित बच्चों की दर 31.5% तक गिर गई, जो पोषण में सुधार दर्शाती है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS‑6) के नवीनतम आंकड़े दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश में पाँच साल से कम उम्र के बच्चों में कुपोषण (स्टंटिंग) की दर 31.5% तक गिर गई है। यह संकेतक, जो दीर्घकालिक पोषण की कमी को मापता है, पिछले सर्वेक्षण चक्रों की तुलना में स्पष्ट सुधार दर्शाता है।
स्टंटिंग बच्चों की शारीरिक व मानसिक विकास को प्रभावित करता है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित यह सर्वेक्षण भारत के लाखों घरों में स्वास्थ्य, पोषण और जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियों को ट्रैक करता है। अब उत्तर प्रदेश का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत के करीब है, जिससे राज्य‑स्तरीय उपायों की प्रभावशीलता का संकेत मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट का श्रेय पोषण अभियान (POSHAN Abhiyaan), स्कूलों में अतिरिक्त पोषण कार्यक्रम और शिशु एवं बाल पोषण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को दिया जा सकता है। हालांकि यह प्रगति सकारात्मक है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य के तहत 30% से नीचे लाने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
स्टंटिंग बच्चों की शारीरिक व मानसिक विकास को प्रभावित करता है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित यह सर्वेक्षण भारत के लाखों घरों में स्वास्थ्य, पोषण और जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियों को ट्रैक करता है। अब उत्तर प्रदेश का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत के करीब है, जिससे राज्य‑स्तरीय उपायों की प्रभावशीलता का संकेत मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट का श्रेय पोषण अभियान (POSHAN Abhiyaan), स्कूलों में अतिरिक्त पोषण कार्यक्रम और शिशु एवं बाल पोषण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को दिया जा सकता है। हालांकि यह प्रगति सकारात्मक है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य के तहत 30% से नीचे लाने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।