📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ginevrajocosa88
शिक्षा
मुख्य मंत्री विजय ने स्कूल नाश्ता योजना का विस्तार किया
✍️ Hindustan Times
🗓 22 सित. 2026, 06:36 PM
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मुख्य मंत्री विजय ने स्कूल बच्चों को अधिक नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए विस्तारित योजना का शुभारंभ किया, जो राज्य की पोषण पहल को सुदृढ़ करेगी।
मुख्य मंत्री विजय ने सोमवार को राज्य की स्कूल नाश्ता योजना का विस्तार किया, जिससे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में अतिरिक्त 2 लाख छात्रों को मुफ्त नाश्ता मिलेगा। यह योजना पहले कुछ जिलों में पायलट रूप में शुरू हुई थी, अब यह सभी सरकारी स्कूलों और सरकारी सहायता प्राप्त निजी स्कूलों तक पहुँचाएगी।
विस्तारित योजना का उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर को सुधारना और स्कूल में उपस्थिति बढ़ाना है, क्योंकि नियमित नाश्ता सीखने की क्षमता को बढ़ाता है और ड्रॉप‑आउट की दर को घटाता है। अधिकारियों का अनुमान है कि इस पहल की वार्षिक लागत लगभग 1.2 अरब रुपये होगी, जो राज्य के शिक्षा बजट और केंद्र की सहायता से पूरी की जाएगी।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री विजय ने बताया कि नाश्ते में अनाज, दूध और फल का संतुलित मेन्यू होगा, जिसे कड़े गुणवत्ता मानकों के तहत तैयार किया जाएगा। उन्होंने स्कूल प्रशासन और अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
इस कार्यान्वयन की निगरानी शिक्षा विभाग करेगा और पोषण मानकों के अनुपालन की पुष्टि के लिए समय‑समय पर ऑडिट करेगा। सरकार इस योजना से जुड़े नामांकन और स्वास्थ्य संकेतकों पर त्रैमासिक रिपोर्ट जारी करने की योजना बना रही है।
शिक्षक संघों और बाल कल्याण NGOs ने इस कदम का स्वागत किया, यह कहते हुए कि यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बच्चों की भूख की समस्या को दूर करने में मदद करेगा।
विस्तारित योजना का उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर को सुधारना और स्कूल में उपस्थिति बढ़ाना है, क्योंकि नियमित नाश्ता सीखने की क्षमता को बढ़ाता है और ड्रॉप‑आउट की दर को घटाता है। अधिकारियों का अनुमान है कि इस पहल की वार्षिक लागत लगभग 1.2 अरब रुपये होगी, जो राज्य के शिक्षा बजट और केंद्र की सहायता से पूरी की जाएगी।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री विजय ने बताया कि नाश्ते में अनाज, दूध और फल का संतुलित मेन्यू होगा, जिसे कड़े गुणवत्ता मानकों के तहत तैयार किया जाएगा। उन्होंने स्कूल प्रशासन और अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
इस कार्यान्वयन की निगरानी शिक्षा विभाग करेगा और पोषण मानकों के अनुपालन की पुष्टि के लिए समय‑समय पर ऑडिट करेगा। सरकार इस योजना से जुड़े नामांकन और स्वास्थ्य संकेतकों पर त्रैमासिक रिपोर्ट जारी करने की योजना बना रही है।
शिक्षक संघों और बाल कल्याण NGOs ने इस कदम का स्वागत किया, यह कहते हुए कि यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बच्चों की भूख की समस्या को दूर करने में मदद करेगा।