📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Firoz Shakir
धर्म
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे गयाजी में पितृपक्ष महा संगम का शुभारंभ
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 25 सित. 2026, 01:45 PM
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बिहार के गयाजी में आज से शुरू होने वाले पितृपक्ष महा संगम मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे; 10 अक्टूबर तक चलने वाले मेले में सुरक्षा, सजावट और लेज़र शो सहित सुविधाओं की पूरी तैयारी की गई है।
बिहार के गयाजी में आज से पितृपक्ष महा संगम मेले का शुभारंभ हुआ, जो 2026 के पितृपक्ष अवधि को चिन्हित करता है। यह मेले 10 अक्टूबर तक चलेगा और पूर्वजों को श्रद्धा अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस उद्घाटन समारोह को अंजाम देंगे, जिससे राज्य सरकार की इस आयोजन में भागीदारी और समर्थन स्पष्ट होता है। सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और यातायात प्रबंधन के लिए पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों के साथ समन्वय किया गया है।
परम्परागत अनुष्ठानों के साथ‑साथ मेले में लेज़र लाइट शो, सजावटी इन्स्टॉलेशन और यात्रियों के लिए साफ‑पानी, शरणस्थली जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएँगी। इन तैयारियों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव प्रदान करना है।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा देगा, जहाँ खाद्य, धार्मिक वस्तुएँ और हस्तशिल्प बेचने वाले स्टाल लगेंगे। मेले के दौरान किसी भी सुरक्षा समस्या को तुरंत निपटाने के लिए निरंतर निगरानी रखी जाएगी।
इस प्रकार गयाजी में पितृपक्ष महा संगम परम्परागत रीति‑रिवाजों को आधुनिक बुनियादी ढाँचे के साथ जोड़ता है, जो बिहार की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और समकालीन आवश्यकताओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस उद्घाटन समारोह को अंजाम देंगे, जिससे राज्य सरकार की इस आयोजन में भागीदारी और समर्थन स्पष्ट होता है। सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और यातायात प्रबंधन के लिए पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों के साथ समन्वय किया गया है।
परम्परागत अनुष्ठानों के साथ‑साथ मेले में लेज़र लाइट शो, सजावटी इन्स्टॉलेशन और यात्रियों के लिए साफ‑पानी, शरणस्थली जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएँगी। इन तैयारियों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव प्रदान करना है।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा देगा, जहाँ खाद्य, धार्मिक वस्तुएँ और हस्तशिल्प बेचने वाले स्टाल लगेंगे। मेले के दौरान किसी भी सुरक्षा समस्या को तुरंत निपटाने के लिए निरंतर निगरानी रखी जाएगी।
इस प्रकार गयाजी में पितृपक्ष महा संगम परम्परागत रीति‑रिवाजों को आधुनिक बुनियादी ढाँचे के साथ जोड़ता है, जो बिहार की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और समकालीन आवश्यकताओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।