📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Supreme Court of India
राजनीति
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा: पर्यावरणीय मुद्दों की कोई भौगोलिक सीमाएँ नहीं
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🗓 19 सित. 2026, 06:46 PM
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मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने बताया कि पर्यावरणीय समस्याएँ राष्ट्रीय सीमाओं को पार करती हैं, और भारत को वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी बयान में, यह रेखांकित किया कि पर्यावरणीय चुनौतियाँ राष्ट्रीय सीमाओं को नहीं मानतीं।
उन्होंने बताया कि प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता का नुकसान वैश्विक मुद्दे हैं, जिनके लिए सभी देशों को मिलकर कार्य करना आवश्यक है।
मुख्य न्यायाधीश ने भारतीय सरकार से आग्रह किया कि वह अपने पर्यावरणीय कानूनों में व्यापक, अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण को शामिल करे और सतत विकास पर अन्य देशों के साथ सहयोग करे।
यह टिप्पणी इस समय आई है जब भारत पर पेरिस समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और देश भर में बढ़ती पर्यावरणीय समस्याओं से निपटने का दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता का नुकसान वैश्विक मुद्दे हैं, जिनके लिए सभी देशों को मिलकर कार्य करना आवश्यक है।
मुख्य न्यायाधीश ने भारतीय सरकार से आग्रह किया कि वह अपने पर्यावरणीय कानूनों में व्यापक, अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण को शामिल करे और सतत विकास पर अन्य देशों के साथ सहयोग करे।
यह टिप्पणी इस समय आई है जब भारत पर पेरिस समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और देश भर में बढ़ती पर्यावरणीय समस्याओं से निपटने का दबाव बढ़ रहा है।