📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sridhar Elangovan
राजनीति
सर्वोच्च न्यायाधीश दीपके ने महाराष्ट्र पुलिस पर श्रमिक नोटिसों के आरोप पर आलोचना की
✍️ The Hindu
🗓 07 अक्टू. 2026, 10:32 AM
👁 38
सर्वोच्च न्यायाधीश दीपके ने महाराष्ट्र पुलिस पर श्रमिकों को नोटिस जारी करने के आरोप पर आलोचना की, पुलिस के आचरण पर सवाल उठाए।
सर्वोच्च न्यायाधीश दीपके, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के प्रमुख, ने महाराष्ट्र पुलिस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, जब यह आरोप सामने आया कि पुलिस ने हाल के श्रम विवादों में शामिल श्रमिकों को नोटिस जारी किए थे।
आज सुबह जारी एक बयान में दीपके ने इन नोटिसों को बिना आधार के बताया और पुलिस की कार्रवाइयों की पारदर्शी जाँच का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि यदि ये कदम बिना ठोस कारण के लिए उठाए गए हैं, तो यह कानून के शासन को कमजोर कर सकता है और पुलिस पर सार्वजनिक विश्वास घटा सकता है।
न्यायाधीश ने महाराष्ट्र पुलिस से अनुरोध किया कि वे नोटिस जारी करने के पीछे के कारणों का विस्तृत विवरण दें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य की सभी कार्रवाइयाँ कानूनी प्रक्रियाओं और श्रमिकों के अधिकारों के अनुरूप हों।
इस घटना ने कानूनी विशेषज्ञों और श्रम समर्थकों के बीच सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और श्रमिक अधिकारों की रक्षा के बीच संतुलन पर बहस को जन्म दिया है। महाराष्ट्र पुलिस ने अभी तक दीपके के आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
आज सुबह जारी एक बयान में दीपके ने इन नोटिसों को बिना आधार के बताया और पुलिस की कार्रवाइयों की पारदर्शी जाँच का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि यदि ये कदम बिना ठोस कारण के लिए उठाए गए हैं, तो यह कानून के शासन को कमजोर कर सकता है और पुलिस पर सार्वजनिक विश्वास घटा सकता है।
न्यायाधीश ने महाराष्ट्र पुलिस से अनुरोध किया कि वे नोटिस जारी करने के पीछे के कारणों का विस्तृत विवरण दें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य की सभी कार्रवाइयाँ कानूनी प्रक्रियाओं और श्रमिकों के अधिकारों के अनुरूप हों।
इस घटना ने कानूनी विशेषज्ञों और श्रम समर्थकों के बीच सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और श्रमिक अधिकारों की रक्षा के बीच संतुलन पर बहस को जन्म दिया है। महाराष्ट्र पुलिस ने अभी तक दीपके के आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।