📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mettle30
टेक्नोलॉजी
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों को 3,942 करोड़ की डिजिटल कनेक्टिविटी योजना
✍️ The Times of India
🗓 20 अग. 2026, 06:35 AM
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छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण जिलों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 3,942 करोड़ रुपये की पहल की घोषणा की है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए 3,942 करोड़ रुपये की विशाल योजना की घोषणा की है। इस फंड का उपयोग ब्रॉडबैंड बुनियादी ढाँचा स्थापित करने, सामुदायिक इंटरनेट केंद्रों की स्थापना और गांवों तक इंटरनेट पहुँचाने के लिए किया जाएगा।
राज्य के अधिकारी बताते हैं कि यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी, सबसे कम इंटरनेट पहुँच वाले जिलों से शुरू करके। स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और स्थानीय व्यवसायों को हाई‑स्पीड ब्रॉडबैंड प्रदान कर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और शिक्षा व टेली‑मेडिसिन जैसी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
यह पहल केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के साथ तालमेल रखती है, जिसका लक्ष्य देश के दूरदराज़ क्षेत्रों को भी डिजिटल अर्थव्यवस्था में शामिल करना है। कार्यान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की होगी, जो टेलीकॉम कंपनियों और स्थानीय निकायों के सहयोग से इसे आगे बढ़ाएगा।
हालाँकि विस्तृत समय‑सीमा अभी घोषित नहीं की गई है, पर यह घोषणा छत्तीसगढ़ में डिजिटल अंतर को कम करने और ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम दर्शाती है।
राज्य के अधिकारी बताते हैं कि यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी, सबसे कम इंटरनेट पहुँच वाले जिलों से शुरू करके। स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और स्थानीय व्यवसायों को हाई‑स्पीड ब्रॉडबैंड प्रदान कर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और शिक्षा व टेली‑मेडिसिन जैसी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
यह पहल केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के साथ तालमेल रखती है, जिसका लक्ष्य देश के दूरदराज़ क्षेत्रों को भी डिजिटल अर्थव्यवस्था में शामिल करना है। कार्यान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की होगी, जो टेलीकॉम कंपनियों और स्थानीय निकायों के सहयोग से इसे आगे बढ़ाएगा।
हालाँकि विस्तृत समय‑सीमा अभी घोषित नहीं की गई है, पर यह घोषणा छत्तीसगढ़ में डिजिटल अंतर को कम करने और ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम दर्शाती है।