📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amiyashrivastava (talk) (Uploads)
अपराध
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मजदूर की 5 लाख रुपये अलिमोनी किस्तों में भुगतान की याचिका खारिज की
✍️ The Indian Express
🗓 29 सित. 2026, 01:31 AM
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 5 लाख रुपये की अलिमोनी को किस्तों में देने की याचिका दायर करने वाले मजदूर की याचिका खारिज कर दी।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक मजदूर द्वारा दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें वह 5 लाख रुपये की अलिमोनी को किस्तों में चुकाने की अनुमति चाहता था। याचिकाकर्ता ने कहा कि पूरी राशि एक बार में देना उसकी आर्थिक स्थिति के लिए कठिन होगा, परंतु न्यायालय ने इस दावे को पर्याप्त नहीं माना और मूल भुगतान शर्तों को बरकरार रखा। यह फैसला दर्शाता है कि अदालत अलिमोनी आदेशों की समय पर पूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाती है, चाहे भुगतानकर्ता का पेशा कुछ भी हो। इस निर्णय में तलाक या पारिवारिक विवाद के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।
यह मामला कम आय वाले व्यक्तियों को वैवाहिक अलगाव के बाद बड़े वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में आने वाली कठिनाइयों को उजागर करता है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालतें किस्तों की व्यवस्था पर विचार कर सकती हैं, परंतु इसके लिए भुगतान न कर पाने का स्पष्ट प्रमाण आवश्यक है और प्राप्तकर्ता के अधिकारों को संतुलित करना पड़ता है। मजदूर नई वित्तीय दस्तावेज़ीकरण के साथ पुनः याचिका दायर कर सकता है, परंतु किसी भी संशोधन का निर्णय न्यायालय के विवेक पर निर्भर रहेगा।
यह समाचार द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा प्रकाशित किया गया था, और वर्तमान में कोई अपील दर्ज होने की सूचना नहीं है।
यह मामला कम आय वाले व्यक्तियों को वैवाहिक अलगाव के बाद बड़े वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में आने वाली कठिनाइयों को उजागर करता है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालतें किस्तों की व्यवस्था पर विचार कर सकती हैं, परंतु इसके लिए भुगतान न कर पाने का स्पष्ट प्रमाण आवश्यक है और प्राप्तकर्ता के अधिकारों को संतुलित करना पड़ता है। मजदूर नई वित्तीय दस्तावेज़ीकरण के साथ पुनः याचिका दायर कर सकता है, परंतु किसी भी संशोधन का निर्णय न्यायालय के विवेक पर निर्भर रहेगा।
यह समाचार द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा प्रकाशित किया गया था, और वर्तमान में कोई अपील दर्ज होने की सूचना नहीं है।