📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish.prajapati90
देश
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 30 साल पुरानी वेतन याचिका को खारिज किया
✍️ The Times of India
🗓 10 अक्टू. 2026, 03:45 AM
👁 19
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 30 साल पुरानी वेतन याचिका को खारिज कर दिया, यह कहा कि अधिकारों का दुरुपयोग करने पर दण्ड मिलेगा।
इस सप्ताह की शुरुआत में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक वेतन विवाद से जुड़ी तीस साल पुरानी याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने दीर्घकालिक दावे की जांच की और पाया कि याचिकाकर्ता के पास वैध आधार नहीं है, इसलिए याचिका को निरस्त किया गया।
निर्णय सुनाते समय कोर्ट ने कहा, “जो कोई अपने अधिकार पर सो जाता है, उसे पीड़ा ही सहनी पड़ेगी,” इस कथन से यह स्पष्ट हुआ कि कानूनी अधिकारों का दुरुपयोग करने वाले को नतीजा भुगतना पड़ेगा। यह टिप्पणी न्यायिक प्रक्रिया की सीमाओं और वैध अधिकारों के सम्मान पर बल देती है।
तीस साल तक चलते इस मुकदमे को समाप्त कर यह फैसला यह सिद्ध करता है कि पुरानी याचिकाओं को अनिश्चितकाल तक जीवित नहीं रखा जा सकता। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में समान देर से दायर की गई याचिकाओं को हतोत्साहित करेगा, जिससे न्याय की समयबद्धता को मजबूती मिलेगी।
निर्णय सुनाते समय कोर्ट ने कहा, “जो कोई अपने अधिकार पर सो जाता है, उसे पीड़ा ही सहनी पड़ेगी,” इस कथन से यह स्पष्ट हुआ कि कानूनी अधिकारों का दुरुपयोग करने वाले को नतीजा भुगतना पड़ेगा। यह टिप्पणी न्यायिक प्रक्रिया की सीमाओं और वैध अधिकारों के सम्मान पर बल देती है।
तीस साल तक चलते इस मुकदमे को समाप्त कर यह फैसला यह सिद्ध करता है कि पुरानी याचिकाओं को अनिश्चितकाल तक जीवित नहीं रखा जा सकता। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में समान देर से दायर की गई याचिकाओं को हतोत्साहित करेगा, जिससे न्याय की समयबद्धता को मजबूती मिलेगी।