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16 सित. 2026
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लोक अदालत को बिना समझौते के मामले के मूल में फैसला करने से रोक दिया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish.prajapati90
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लोक अदालत को बिना समझौते के मामले के मूल में फैसला करने से रोक दिया

✍️ newsriveting.com 🗓 16 सित. 2026, 12:36 AM 👁 12
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा कि लोक अदालत बिना समझौते के मामले के मूल में फैसला नहीं दे सकती, जिससे उसका मध्यस्थता कार्य स्पष्ट हुआ।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लोक अदालत के अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट किया, यह कहा कि विवादित पक्षों के बीच समझौता न होने पर लोक अदालत मामले के मूल में फैसला नहीं दे सकती। कोर्ट ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य कार्य समझौता कराना है, न कि नियमित अदालतों की तरह विवाद का निर्णय देना।

आदेश में यह कहा गया कि बिना पारस्परिक सहमति के लोक अदालत द्वारा कोई निर्णय देना कानूनी ढांचे के विरुद्ध होगा। यह निर्णय यह सुनिश्चित करता है कि लोक अदालत के पुरस्कार केवल पक्षों की सहमति पर आधारित हों और कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम के तहत लागू हों।

कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह रूलिंग राज्य भर में निचली अदालतों और लोक अदालत के अधिकारियों को स्पष्ट दिशा‑निर्देश प्रदान करेगी, प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों को रोकते हुए litigants के अधिकारों की रक्षा करेगी। यह फैसला छत्तीसगढ़ में लोक अदालत की कार्यवाही को समझौता‑केन्द्रित बनाकर आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
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