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03 जुल. 2026
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छत्तीसगढ़ HC: छात्रों को हिंदू प्रार्थनाओं के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amiyashrivastava (talk) (Uploads)
शिक्षा

छत्तीसगढ़ HC: छात्रों को हिंदू प्रार्थनाओं के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता

✍️ The Times of India 🗓 03 जुल. 2026, 12:31 AM 👁 3

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि छात्रों को धार्मिक प्रार्थनाओं में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिससे उनके अंतःकरण की स्वतंत्रता के अधिकार की पुष्टि होती है।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि छात्रों को हिंदू प्रार्थनाओं का पाठ करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अदालत ने अंतःकरण की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार पर जोर दिया, जिससे यह संकेत मिलता है कि धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी स्वैच्छिक होनी चाहिए।

यह न्यायिक निर्णय शैक्षणिक संस्थानों के भीतर छात्रों पर धार्मिक प्रथाओं को थोपने से संबंधित चिंताओं को संबोधित करता है। उच्च न्यायालय के फैसले ने इस सिद्धांत को रेखांकित किया है कि शैक्षिक वातावरण व्यक्तिगत विश्वासों का सम्मान करना चाहिए और विशिष्ट धार्मिक अनुष्ठानों के पालन के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए।

यह निर्णय स्पष्ट करता है कि छात्रों को प्रार्थनाओं या अन्य धार्मिक पाठों में शामिल होने के लिए मजबूर करना उनकी व्यक्तिगत स्वायत्तता और विचार की स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है।