📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish.prajapati90
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया: बार एसोसिएशन के अनुरोध पर पूरे दिन न्यायालय बंद नहीं हो सकते
✍️ The Times of India
🗓 11 अग. 2026, 06:36 PM
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि केवल बार एसोसिएशन के अनुरोध पर पूरे दिन न्यायालय बंद नहीं हो सकते, जिससे न्यायिक निरंतरता की आवश्यकता पर बल दिया गया।
हाल ही में एक निर्णय में, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि केवल बार एसोसिएशन के अनुरोध पर पूरे दिन न्यायालय बंद नहीं किया जा सकता। यह निर्णय तब आया जब बार एसोसिएशन ने एक दिन की बंदी का आह्वान किया था।
न्यायालय ने न्यायिक निरंतरता के महत्व पर जोर दिया, यह कहते हुए कि किसी भी अस्थायी बंदी को सार्वजनिक हित या किसी न्यायालय द्वारा जारी आदेश के आधार पर ही होना चाहिए।
इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि न्यायपालिका बाहरी दबावों से स्वतंत्र है और उसे अपनी दिन‑प्रतिदिन की कार्यवाही बनाए रखनी चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में एकतरफा बंदी के अनुरोधों को रोकने में मदद करेगा और न्यायालयों को जनता के लिए सुलभ बनाए रखेगा।
न्यायालय ने न्यायिक निरंतरता के महत्व पर जोर दिया, यह कहते हुए कि किसी भी अस्थायी बंदी को सार्वजनिक हित या किसी न्यायालय द्वारा जारी आदेश के आधार पर ही होना चाहिए।
इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि न्यायपालिका बाहरी दबावों से स्वतंत्र है और उसे अपनी दिन‑प्रतिदिन की कार्यवाही बनाए रखनी चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में एकतरफा बंदी के अनुरोधों को रोकने में मदद करेगा और न्यायालयों को जनता के लिए सुलभ बनाए रखेगा।