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शिक्षा
छत्तीसगढ़ HC: किसी भी बच्चे को हिंदू प्रार्थना सुनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता
✍️ Hindustan Times
🗓 03 जुल. 2026, 07:16 PM
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक सरकारी आदेश को लेकर हुए विवाद के बाद फैसला सुनाया है कि किसी भी छात्र को हिंदू प्रार्थना सुनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि किसी भी बच्चे को हिंदू प्रार्थना सुनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। यह न्यायिक निर्णय एक सरकारी आदेश को लेकर उठे विवाद के बाद आया है।
अदालत का यह फैसला इस सिद्धांत पर जोर देता है कि छात्रों पर उनकी इच्छा के विरुद्ध या सहमति के बिना धार्मिक शिक्षा या अनुष्ठान नहीं थोपा जाना चाहिए। यह फैसला राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में प्रार्थना सत्रों के कार्यान्वयन पर प्रभाव डालने की उम्मीद है।
कानूनी चुनौती देने वाले विशिष्ट सरकारी आदेश और अदालत के विस्तृत तर्क के संबंध में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है, लेकिन हिंदू प्रार्थनाओं के जबरन पाठ के खिलाफ मुख्य निर्देश को मजबूती से स्थापित किया गया है।
अदालत का यह फैसला इस सिद्धांत पर जोर देता है कि छात्रों पर उनकी इच्छा के विरुद्ध या सहमति के बिना धार्मिक शिक्षा या अनुष्ठान नहीं थोपा जाना चाहिए। यह फैसला राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में प्रार्थना सत्रों के कार्यान्वयन पर प्रभाव डालने की उम्मीद है।
कानूनी चुनौती देने वाले विशिष्ट सरकारी आदेश और अदालत के विस्तृत तर्क के संबंध में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है, लेकिन हिंदू प्रार्थनाओं के जबरन पाठ के खिलाफ मुख्य निर्देश को मजबूती से स्थापित किया गया है।