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24 सित. 2026
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छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूलों पर अंग्रेजी पढ़ाने में रोक, बोर्ड अंक बढ़ाने का आरोप
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Domino786
शिक्षा

छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूलों पर अंग्रेजी पढ़ाने में रोक, बोर्ड अंक बढ़ाने का आरोप

✍️ The Times of India 🗓 24 सित. 2026, 04:16 AM 👁 15
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आलोचकों का कहना है कि छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूल अंग्रेजी पढ़ाने से रोक कर बोर्ड परिणाम बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं।

द टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ के कई सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी पढ़ाने से रोकने और बोर्ड परीक्षा में अंक बढ़ाने के लिए छात्रों को दिशा‑निर्देश देने का आरोप लगा है। आलोचक कहते हैं कि इस नीति से भाषा विषयों के वजन को कम करके मुख्य विषयों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
ऐसे संकेत मिले हैं कि स्कूलों में अंग्रेजी के बजाए क्षेत्रीय भाषा और कोर विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे शिक्षक अंग्रेजी को कम समय दे रहे हैं। कुछ लोग तर्क देते हैं कि परीक्षा में सीधे परीक्षण होने वाले विषयों पर ध्यान केंद्रित करने से कुल पास प्रतिशत और स्कूल रैंकिंग में सुधार हो सकता है।
राज्य के शिक्षा अधिकारियों ने अभी तक इस पर विस्तृत टिप्पणी नहीं दी है, पर यह मुद्दा छात्रों की अंग्रेजी दक्षता और भविष्य की संभावनाओं पर दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर बहस को जन्म दे रहा है। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अंग्रेजी की कमी से उच्च शिक्षा और नौकरी के बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।
यह विवाद भारत के बहुभाषी शैक्षिक परिदृश्य में तत्काल परीक्षा परिणामों और संतुलित भाषा शिक्षा की आवश्यकता के बीच के तनाव को उजागर करता है।
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