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अपराध
छत्तीसगढ़ की अदालत ने 'स्वेच्छा सहयोग' के तहत पुलिस हिरासत को संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन माना
✍️ Live Law
🗓 07 अग. 2026, 01:03 PM
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छत्तीसगढ़ की एक अदालत ने निर्णय दिया है कि 'स्वेच्छा सहयोग' के नाम पर पुलिस हिरासत में रखने से संवैधानिक अनुच्छेद 22 का उल्लंघन होता है।
छत्तीसगढ़ की एक अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि 'स्वेच्छा सहयोग' के नाम पर किसी को पुलिस हिरासत में रखना अनुच्छेद 22 का उल्लंघन है। इस निर्णय से यह स्पष्ट हुआ कि इस तरह का बहाना अनियमित हिरासत से बचने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अनुच्छेद 22 व्यक्तियों को अवैध हिरासत से बचाता है और यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी गिरफ्तारी का कानूनी, आवश्यक और उचित कारण हो। इस फैसले के बाद पुलिस प्रक्रियाओं की समीक्षा की संभावना है ताकि स्वेच्छा सहयोग को एक छिद्र के रूप में इस्तेमाल न किया जाए। पुलिस अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों को इस निर्णय के अनुरूप अपनी प्रथाओं को समायोजित करने की सलाह दी गई है।