🔥 ट्रेंडिंग sports રમત ગમત दुल्हिन बाजार में धान की फसल पर मंडराय... લસુંદ્રા બજારમાં ગતિ મર્યાદા ઘટાડવા સી... ભુજમાં કચ્છ જિલ્લા ભાજપ અનુસૂચિત જાતિ... कर्नाटक पर कसौटी
07 अग. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
छत्तीसगढ़ की अदालत ने 'स्वेच्छा सहयोग' के तहत पुलिस हिरासत को संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन माना
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / swap
अपराध

छत्तीसगढ़ की अदालत ने 'स्वेच्छा सहयोग' के तहत पुलिस हिरासत को संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन माना

✍️ Live Law 🗓 07 अग. 2026, 01:03 PM 👁 6
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

छत्तीसगढ़ की एक अदालत ने निर्णय दिया है कि 'स्वेच्छा सहयोग' के नाम पर पुलिस हिरासत में रखने से संवैधानिक अनुच्छेद 22 का उल्लंघन होता है।

छत्तीसगढ़ की एक अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि 'स्वेच्छा सहयोग' के नाम पर किसी को पुलिस हिरासत में रखना अनुच्छेद 22 का उल्लंघन है। इस निर्णय से यह स्पष्ट हुआ कि इस तरह का बहाना अनियमित हिरासत से बचने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अनुच्छेद 22 व्यक्तियों को अवैध हिरासत से बचाता है और यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी गिरफ्तारी का कानूनी, आवश्यक और उचित कारण हो। इस फैसले के बाद पुलिस प्रक्रियाओं की समीक्षा की संभावना है ताकि स्वेच्छा सहयोग को एक छिद्र के रूप में इस्तेमाल न किया जाए। पुलिस अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों को इस निर्णय के अनुरूप अपनी प्रथाओं को समायोजित करने की सलाह दी गई है।
📲Get App