📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mettle30
राजनीति
छत्तीसगढ़ विधानसभा में 14‑घंटे के बहस के बाद सरकार ने नो‑कॉनफ़िडेंस मोशन को खारिज किया
✍️ ETV Bharat
🗓 18 जुल. 2026, 11:33 AM
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छत्तीसगढ़ विधानमंडल ने 14‑घंटे की बहस के बाद सरकार के खिलाफ नो‑कॉनफ़िडेंस मोशन को अस्वीकार कर दिया।
छत्तीसगढ़ विधानमंडल ने सरकार के खिलाफ नो‑कॉनफ़िडेंस मोशन पर 14‑घंटे की बहस के बाद इसे अस्वीकार कर दिया। यह मोशन शासक दल की बहुमत को चुनौती देने के उद्देश्य से था, जिसे विधानसभा के सदस्यों ने खारिज कर दिया, जिससे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार अपनी कार्यकाल जारी रख सकती है।
विस्तारित चर्चा ने राज्य की राजनीति में चल रहे तीव्र मुकाबले को उजागर किया। शासक दल की बहुमत ने अंतिम मतगणना में निर्णायक भूमिका निभाई, जिससे सरकार की स्थिरता बनी रही।
अवलोककों ने नोट किया कि 14‑घंटे का सत्र विधानमंडल की प्रक्रियात्मक कड़ाई और नो‑कॉनफ़िडेंस वोट के उच्च दांव को दर्शाता है। यह परिणाम आने वाले महीनों में छत्तीसगढ़ की राजनीतिक गतिशीलता पर असर डालने की संभावना है।
विस्तारित चर्चा ने राज्य की राजनीति में चल रहे तीव्र मुकाबले को उजागर किया। शासक दल की बहुमत ने अंतिम मतगणना में निर्णायक भूमिका निभाई, जिससे सरकार की स्थिरता बनी रही।
अवलोककों ने नोट किया कि 14‑घंटे का सत्र विधानमंडल की प्रक्रियात्मक कड़ाई और नो‑कॉनफ़िडेंस वोट के उच्च दांव को दर्शाता है। यह परिणाम आने वाले महीनों में छत्तीसगढ़ की राजनीतिक गतिशीलता पर असर डालने की संभावना है।