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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर जिला गौरेला‑पेण्ड्रा‑मरवाही में धूमधाम से मनाया गया राज्योत्सव
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर जिला गौरेला‑पेण्ड्रा‑मरवाही में धूमधाम से आयोजित राज्योत्सव में कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी जी का पुण्य स्मरण किया गया।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के पावन अवसर पर जिला गौरेला‑पेण्ड्रा‑मरवाही (जीपीएम) में जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तखतपुर विधानसभा के लोकप्रिय विधायक धर्मजीत सिंह, मरवाही विधायक प्रणव मरपच्ची तथा कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा, भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, साथ ही जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वनमंडल अधिकारी (डीएफओ), एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह में छत्तीसगढ़ के निर्माता, भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का पुण्य स्मरण किया गया और प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ दी गईं। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में राज्य निरंतर विकास और सुशासन के पथ पर अग्रसर है।
बीते 26 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं, तथा राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, गौरवशाली परंपराएँ और सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक झलक प्रस्तुत की गई। पूरा आयोजन उत्साह, उमंग और गौरव के वातावरण में संपन्न हुआ।
नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा, भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, साथ ही जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वनमंडल अधिकारी (डीएफओ), एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह में छत्तीसगढ़ के निर्माता, भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का पुण्य स्मरण किया गया और प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ दी गईं। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में राज्य निरंतर विकास और सुशासन के पथ पर अग्रसर है।
बीते 26 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं, तथा राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, गौरवशाली परंपराएँ और सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक झलक प्रस्तुत की गई। पूरा आयोजन उत्साह, उमंग और गौरव के वातावरण में संपन्न हुआ।