छत्तीसगढ़ में डीजे बजाने से पहले लेनी होगी अनुमति, नही तो सजा के साथ होगा जुर्माना
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छत्तीसगढ़ में अब तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर और डीजे (DJ) के शोर से आम जनता को बड़ी मुक्ति मिलने जा रही है। बिलासपुर हाई कोर्ट द्वारा जनहित याचिका पर दिखाई गई सख्ती के बाद, राज्य सरकार ने ‘कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 2026’ का नया और कड़ा प्रारूप तैयार किया है।
अनुमति अनिवार्य: अब किसी भी कार्यक्रम में ध्वनि विस्तारक यंत्र या DJ बजाने से पहले जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस कमिश्नर या सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति लेनी होगी।
अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, छात्रावास, न्यायालय और सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे को ‘साइलेंट ज़ोन’ घोषित किया गया है।
समय सीमा निर्धारित: सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक को ‘दिन का समय’ और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक को ‘रात्रि का समय’ माना गया है, जिस दौरान डीजे/लाउडस्पीकर संचालन पर कड़े प्रतिबंध रहेंगे।
सजा और जुर्माना
पहली बार नियम तोड़ने पर: कुछ महीनों का कारावास या न्यूनतम 50,000 रुपये का जुर्माना। साइलेंट ज़ोन में नियम तोड़ने पर सजा 1 साल तक और जुर्माना 75,000 रुपये हो सकता है।
दोबारा अपराध करने पर: 3 महीने से 1 साल तक की कैद और न्यूनतम 1 लाख रुपये का जुर्माना। साइलेंट ज़ोन में दोबारा नियम तोड़ने पर 6 महीने से 2 वर्ष तक की जेल और 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
उपकरण ज़ब्ती: DJ आपूर्तिकर्ता का पंजीकरण स्थायी रूप से निरस्त होगा और जब्त उपकरणों की नीलामी की जाएगी।
गृह एवं पुलिस विभाग ने इस प्रस्तावित विधेयक पर जनता और विशेषज्ञों से 5 अक्टूबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित की हैं, जिसके बाद इसे प्रदेश भर में पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा।
अनुमति अनिवार्य: अब किसी भी कार्यक्रम में ध्वनि विस्तारक यंत्र या DJ बजाने से पहले जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस कमिश्नर या सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति लेनी होगी।
अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, छात्रावास, न्यायालय और सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे को ‘साइलेंट ज़ोन’ घोषित किया गया है।
समय सीमा निर्धारित: सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक को ‘दिन का समय’ और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक को ‘रात्रि का समय’ माना गया है, जिस दौरान डीजे/लाउडस्पीकर संचालन पर कड़े प्रतिबंध रहेंगे।
सजा और जुर्माना
पहली बार नियम तोड़ने पर: कुछ महीनों का कारावास या न्यूनतम 50,000 रुपये का जुर्माना। साइलेंट ज़ोन में नियम तोड़ने पर सजा 1 साल तक और जुर्माना 75,000 रुपये हो सकता है।
दोबारा अपराध करने पर: 3 महीने से 1 साल तक की कैद और न्यूनतम 1 लाख रुपये का जुर्माना। साइलेंट ज़ोन में दोबारा नियम तोड़ने पर 6 महीने से 2 वर्ष तक की जेल और 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
उपकरण ज़ब्ती: DJ आपूर्तिकर्ता का पंजीकरण स्थायी रूप से निरस्त होगा और जब्त उपकरणों की नीलामी की जाएगी।
गृह एवं पुलिस विभाग ने इस प्रस्तावित विधेयक पर जनता और विशेषज्ञों से 5 अक्टूबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित की हैं, जिसके बाद इसे प्रदेश भर में पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा।