देश
छप्परदार घर में लगी आग, महिला झुलसी; नकदी समेत लाखों का सामान जलकर राख
छप्परदार घर में लगी आग, महिला झुलसी; नकदी समेत लाखों का सामान जलकर राख
महुराइन गांव में आधी रात को हुआ हादसा, पशु भी आग की चपेट में आए
निगोही (शाहजहांपुर)। थाना निगोही क्षेत्र के विकास खंड सिधौली की ग्राम पंचायत महुराइन में सोमवार देर रात एक छप्परदार घर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से गृहस्वामी शालिकराम की पत्नी गीता देवी गंभीर रूप से झुलस गईं। वहीं, घर में बंधी भैंस और बकरी भी झुलस गईं। हादसे में घर में रखी 25 हजार रुपये की नकदी, कपड़े, अनाज समेत लाखों रुपये का घरेलू सामान जलकर राख हो गया।
शालिकराम के मुताबिक, सोमवार रात करीब 12 बजे वह अपनी पत्नी के साथ घर के आंगन में खाना खाने के बाद सो रहे थे। इसी दौरान अचानक उनके छप्परदार घर में आग लग गई। जब तक वे कुछ समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घर में आग की लपटें उठती देख परिवार में चीख-पुकार मच गई।
बताया जाता है कि आग के बीच घर में बंधे पशुओं को बचाने के प्रयास में शालिकराम की पत्नी गीता देवी बुरी तरह झुलस गईं। आग इतनी भीषण थी कि घर में रखा सामान बाहर निकालने का मौका तक नहीं मिल सका। देखते ही देखते नकदी, कपड़े, अनाज और अन्य घरेलू सामान आग की भेंट चढ़ गया। इस हादसे में परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। घटना के बाद पीड़ित परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों और रहने की व्यवस्था का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने तथा झुलसी महिला और पशुओं के उपचार की व्यवस्था कराने की मांग की है।
महुराइन गांव में आधी रात को हुआ हादसा, पशु भी आग की चपेट में आए
निगोही (शाहजहांपुर)। थाना निगोही क्षेत्र के विकास खंड सिधौली की ग्राम पंचायत महुराइन में सोमवार देर रात एक छप्परदार घर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से गृहस्वामी शालिकराम की पत्नी गीता देवी गंभीर रूप से झुलस गईं। वहीं, घर में बंधी भैंस और बकरी भी झुलस गईं। हादसे में घर में रखी 25 हजार रुपये की नकदी, कपड़े, अनाज समेत लाखों रुपये का घरेलू सामान जलकर राख हो गया।
शालिकराम के मुताबिक, सोमवार रात करीब 12 बजे वह अपनी पत्नी के साथ घर के आंगन में खाना खाने के बाद सो रहे थे। इसी दौरान अचानक उनके छप्परदार घर में आग लग गई। जब तक वे कुछ समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घर में आग की लपटें उठती देख परिवार में चीख-पुकार मच गई।
बताया जाता है कि आग के बीच घर में बंधे पशुओं को बचाने के प्रयास में शालिकराम की पत्नी गीता देवी बुरी तरह झुलस गईं। आग इतनी भीषण थी कि घर में रखा सामान बाहर निकालने का मौका तक नहीं मिल सका। देखते ही देखते नकदी, कपड़े, अनाज और अन्य घरेलू सामान आग की भेंट चढ़ गया। इस हादसे में परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। घटना के बाद पीड़ित परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों और रहने की व्यवस्था का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने तथा झुलसी महिला और पशुओं के उपचार की व्यवस्था कराने की मांग की है।