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राजनीति
छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने एक्स पोस्ट में जनजातीय संस्कृति को सहेजने का आह्वान किया
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🗓 05 अक्टू. 2026, 02:02 AM
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने एक्स पोस्ट में छत्तीसगढ़ की जनजातीय विरासत को संरक्षित रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। अपने पोस्ट में उन्होंने राज्य की स्वदेशी समुदायों की समृद्ध परम्पराओं, भाषाओं और कला रूपों को उजागर किया और तेज़ी से हो रहे आधुनिकीकरण से इनकी रक्षा की चेतावनी दी।
सीएम ने राज्य प्रशासन और नागरिक समाज दोनों से concrete कदम उठाने का आग्रह किया, जिसमें मौखिक इतिहास का दस्तावेज़ीकरण, जनजातीय कारीगरों को समर्थन और स्कूल पाठ्यक्रम में स्वदेशी ज्ञान को शामिल करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इस विरासत का संरक्षण केवल सांस्कृतिक कर्तव्य नहीं, बल्कि समावेशी विकास के लिए भी आवश्यक है।
यह संदेश राज्य की जनजातीय कल्याण योजनाओं के साथ मेल खाता है, और उन्होंने समुदाय की सक्रिय भागीदारी की अपील की ताकि छत्तीसगढ़ की जनजातियों की विशिष्ट परम्पराएँ आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचें।
पोस्ट को स्थानीय मीडिया और जनजातीय नेताओं ने शीघ्र ही ध्यान दिया, जो आर्थिक विकास के साथ सांस्कृतिक संरक्षण पर प्रशासन की व्यापक दिशा को दर्शाता है।
विशिष्ट कार्यक्रमों या समय‑सीमा के बारे में अभी कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई, पर मुख्यमंत्री का यह आह्वान राज्य की जनजातीय धरोहर को सुरक्षित रखने की नई राजनीतिक प्रतिबद्धता को उजागर करता है।
सीएम ने राज्य प्रशासन और नागरिक समाज दोनों से concrete कदम उठाने का आग्रह किया, जिसमें मौखिक इतिहास का दस्तावेज़ीकरण, जनजातीय कारीगरों को समर्थन और स्कूल पाठ्यक्रम में स्वदेशी ज्ञान को शामिल करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इस विरासत का संरक्षण केवल सांस्कृतिक कर्तव्य नहीं, बल्कि समावेशी विकास के लिए भी आवश्यक है।
यह संदेश राज्य की जनजातीय कल्याण योजनाओं के साथ मेल खाता है, और उन्होंने समुदाय की सक्रिय भागीदारी की अपील की ताकि छत्तीसगढ़ की जनजातियों की विशिष्ट परम्पराएँ आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचें।
पोस्ट को स्थानीय मीडिया और जनजातीय नेताओं ने शीघ्र ही ध्यान दिया, जो आर्थिक विकास के साथ सांस्कृतिक संरक्षण पर प्रशासन की व्यापक दिशा को दर्शाता है।
विशिष्ट कार्यक्रमों या समय‑सीमा के बारे में अभी कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई, पर मुख्यमंत्री का यह आह्वान राज्य की जनजातीय धरोहर को सुरक्षित रखने की नई राजनीतिक प्रतिबद्धता को उजागर करता है।