📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown
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संसदीय शुल्क (सीस) का अर्थ और राज्यों द्वारा कल्याण योजनाओं में इसका उपयोग
✍️ business-standard.com
🗓 12 अग. 2026, 06:39 PM
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सीस एक विशेष कर है जिसे सरकार विशिष्ट सार्वजनिक कल्याण योजनाओं के लिए लगाती है। भारतीय राज्य सीस राजस्व का उपयोग सामाजिक योजनाओं के लिए कर रहे हैं।
सीस, जिसे सीसशन के रूप में भी जाना जाता है, एक विशेष कर है जो किसी विशेष वस्तु या गतिविधि पर लगाया जाता है, और यह सामान्य आय या बिक्री करों से अलग होता है। यह कर किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए earmarked होता है और अक्सर अस्थायी होता है। भारत में कई राज्यों ने शराब, तंबाकू और लग्जरी वस्तुओं पर सीस लगाया है, और प्राप्त राजस्व को कल्याण योजनाओं में लगाया जाता है।
राज्य सरकारें सीस के माध्यम से बिना सामान्य कर बढ़ाए धन जुटा सकती हैं, जिससे बजट में लचीलापन बना रहता है। सीस की सफलता पारदर्शी आवंटन और कुशल उपयोग पर निर्भर करती है। आम तौर पर, राज्य वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हैं, जिसमें सीस राजस्व के उपयोग का विवरण दिया जाता है, ताकि जनता के प्रति जवाबदेही बनी रहे।
कुल मिलाकर, सीस लक्षित वित्तीय हस्तक्षेप का एक साधन है, जो राज्यों को विशेष कल्याण आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है जबकि व्यापक कर आधार को सुरक्षित रखता है।
राज्य सरकारें सीस के माध्यम से बिना सामान्य कर बढ़ाए धन जुटा सकती हैं, जिससे बजट में लचीलापन बना रहता है। सीस की सफलता पारदर्शी आवंटन और कुशल उपयोग पर निर्भर करती है। आम तौर पर, राज्य वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हैं, जिसमें सीस राजस्व के उपयोग का विवरण दिया जाता है, ताकि जनता के प्रति जवाबदेही बनी रहे।
कुल मिलाकर, सीस लक्षित वित्तीय हस्तक्षेप का एक साधन है, जो राज्यों को विशेष कल्याण आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है जबकि व्यापक कर आधार को सुरक्षित रखता है।