📷 चित्र स्रोत: Hindustan Times (via NewsData)
देश
हिमालयी क्षेत्रों में जनगणना शुरू, पहली बार जाति प्रश्न शामिल
✍️ Hindustan Times
🗓 02 सित. 2026, 12:51 PM
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2024 की जनगणना ने हिमालयी जिलों में सर्वेक्षण शुरू किया, जिसमें पहली बार जाति संबंधी प्रश्न शामिल किया गया है।
जनगणना 2024 की टीमों ने हिमालय के बर्फ‑आच्छादित जिलों में सर्वेक्षण शुरू किया, जिससे देश के सबसे कठिन पहुँच वाले क्षेत्रों में भी जनसंख्या गिनती शुरू हो गई है। विशेष ठंड‑रोधी कपड़े पहनकर, वे उत्तर के कई राज्यों के गांवों में बुनियादी जनसांख्यिकीय जानकारी दर्ज कर रहे हैं।
इस बार की जनगणना में एक नया पहलू जोड़ा गया है – जाति संबंधी प्रश्न, जो स्वतंत्रता के बाद से कभी नहीं पूछा गया। अधिकारियों का कहना है कि यह डेटा सामाजिक संरचना को बेहतर समझने और आरक्षण व कल्याण योजनाओं को सटीक बनाने में मदद करेगा।
बर्फ‑भरे ऊँचे इलाकों में गिनती करना कई चुनौतियों से भरा है। सर्वेक्षक बर्फ हटाने वाले उपकरण, अस्थायी शिविर और सैटेलाइट‑कनेक्टेड डिवाइस का उपयोग कर रहे हैं, ताकि कठिन मौसम और सीमित संचार के बावजूद डेटा की गुणवत्ता बनी रहे। नई जाति प्रश्न के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
एकत्रित आंकड़े केंद्र में संकलित होकर अगले दो वर्षों में क्रमिक रूप से जारी किए जाएंगे, जिससे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर योजना‑निर्धारण के लिए विस्तृत जनसांख्यिकीय आधार उपलब्ध होगा।
इस बार की जनगणना में एक नया पहलू जोड़ा गया है – जाति संबंधी प्रश्न, जो स्वतंत्रता के बाद से कभी नहीं पूछा गया। अधिकारियों का कहना है कि यह डेटा सामाजिक संरचना को बेहतर समझने और आरक्षण व कल्याण योजनाओं को सटीक बनाने में मदद करेगा।
बर्फ‑भरे ऊँचे इलाकों में गिनती करना कई चुनौतियों से भरा है। सर्वेक्षक बर्फ हटाने वाले उपकरण, अस्थायी शिविर और सैटेलाइट‑कनेक्टेड डिवाइस का उपयोग कर रहे हैं, ताकि कठिन मौसम और सीमित संचार के बावजूद डेटा की गुणवत्ता बनी रहे। नई जाति प्रश्न के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
एकत्रित आंकड़े केंद्र में संकलित होकर अगले दो वर्षों में क्रमिक रूप से जारी किए जाएंगे, जिससे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर योजना‑निर्धारण के लिए विस्तृत जनसांख्यिकीय आधार उपलब्ध होगा।