📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / United States. War Dept. Cuban Census Office
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भारत के बर्फ़ीले क्षेत्रों में जनगणना की गिनती शुरू
✍️ Hindustan Times
🗓 02 सित. 2026, 03:36 PM
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2024 की जनगणना का सर्वेक्षण हिमालय के बर्फ़ीले जिलों में शुरू हो गया, गिनती करने वाली टीमों ने दूरस्थ गाँवों में काम शुरू किया।
भारत सरकार ने 2024 की जनगणना के सर्वेक्षण कार्य को हिमालय के बर्फ़ीले क्षेत्रों में शुरू कर दिया है। प्रशिक्षित गिनती करने वाले टीमों को उन ऊँचे पहाड़ी जिलों के दूरस्थ गाँवों में भेजा गया है जहाँ सर्दियों में भारी बर्फ़ के कारण पहुंच कठिन हो जाती है।
अधिकारी बताते हैं कि इस शुरुआती कदम का उद्देश्य मॉनसून के आने से पहले इन दूरस्थ क्षेत्रों में डेटा संग्रह पूरा करना है, क्योंकि बरसात के मौसम में लॉजिस्टिक समस्याएँ बढ़ सकती हैं। टीमों को ठंडे मौसम के कपड़े और पोर्टेबल संचार उपकरण प्रदान किए गए हैं, जिससे घरों, जनसंख्या और सामाजिक‑आर्थिक संकेतकों का सटीक रिकॉर्ड रखा जा सके।
हर दस साल में एक बार आयोजित होने वाली जनगणना राष्ट्रीय जनसांख्यिकीय डेटाबेस को अपडेट करने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे नीति‑निर्धारण, संसाधन वितरण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ता है। स्थानीय प्रशासन इन टीमों के साथ मिलकर कठिन भू‑भाग में सुगम आवागमन सुनिश्चित कर रहा है और मौसम से जुड़ी चुनौतियों का समाधान कर रहा है।
बर्फ़ीले क्षेत्रों में गिनती का चरण कई हफ्तों तक चलने की संभावना है, जिसके बाद इस डेटा को राष्ट्रीय स्तर के आँकड़ों में सम्मिलित किया जाएगा।
अधिकारी बताते हैं कि इस शुरुआती कदम का उद्देश्य मॉनसून के आने से पहले इन दूरस्थ क्षेत्रों में डेटा संग्रह पूरा करना है, क्योंकि बरसात के मौसम में लॉजिस्टिक समस्याएँ बढ़ सकती हैं। टीमों को ठंडे मौसम के कपड़े और पोर्टेबल संचार उपकरण प्रदान किए गए हैं, जिससे घरों, जनसंख्या और सामाजिक‑आर्थिक संकेतकों का सटीक रिकॉर्ड रखा जा सके।
हर दस साल में एक बार आयोजित होने वाली जनगणना राष्ट्रीय जनसांख्यिकीय डेटाबेस को अपडेट करने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे नीति‑निर्धारण, संसाधन वितरण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ता है। स्थानीय प्रशासन इन टीमों के साथ मिलकर कठिन भू‑भाग में सुगम आवागमन सुनिश्चित कर रहा है और मौसम से जुड़ी चुनौतियों का समाधान कर रहा है।
बर्फ़ीले क्षेत्रों में गिनती का चरण कई हफ्तों तक चलने की संभावना है, जिसके बाद इस डेटा को राष्ट्रीय स्तर के आँकड़ों में सम्मिलित किया जाएगा।