📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Studio Harcourt
मनोरंजन
अमिताभ बच्चन, स्कार्लेट जोहानसन सहित सितारे पर्सनैलिटी राइट्स की अदालत में रक्षा चाहते हैं
✍️ NDTV
🗓 05 नव. 2026, 05:18 AM
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अभिनेताओं ने अपनी छवि और नाम के अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए अदालत में केस दायर किए हैं, जिससे पर्सनैलिटी राइट्स की महत्ता बढ़ रही है।
कई प्रमुख फिल्म सितारों ने हाल ही में अपनी छवि और नाम के अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए अदालत में केस दायर किए हैं। अमिताभ बच्चन ने एक कंपनी के खिलाफ याचिका दायर की, जिसने उनकी अनुमति के बिना उनका चित्र इस्तेमाल किया, यह दावा करते हुए कि यह उनके पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन है।
संयुक्त राज्य में, अभिनेत्री स्कार्लेट जोहानसन ने भी एक फैशन ब्रांड के खिलाफ मुकदमा दायर किया, जिसने उनके नाम और चेहरे की विशेषताओं को बिना अनुमति के उत्पाद में उपयोग किया। दोनों मामलों ने यह स्पष्ट किया कि सितारे अब अपने व्यक्तिगत ब्रांड पर कानूनी अधिकारों को लागू कर रहे हैं, जिसे पर्सनैलिटी या पब्लिसिटी राइट्स कहा जाता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय कानून में पब्लिसिटी राइट को बौद्धिक संपदा के व्यापक ढाँचे में मान्यता मिलती है, परंतु न्यायिक निर्णय अभी विकसित हो रहे हैं। इन हालिया दायरियों से भविष्य में विज्ञापन, डिजिटल अवतार और एआई‑जनित सामग्री के नियमन में दिशा-निर्देश बन सकते हैं।
उद्योग के विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ती मुकदमेबाजी से विज्ञापन कंपनियों को सितारे की छवि उपयोग करने से पहले स्पष्ट लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता पड़ेगी। इन हाई‑प्रोफ़ाइल मामलों के परिणाम भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर पर्सनैलिटी राइट्स के प्रचलन को प्रभावित करेंगे।
संयुक्त राज्य में, अभिनेत्री स्कार्लेट जोहानसन ने भी एक फैशन ब्रांड के खिलाफ मुकदमा दायर किया, जिसने उनके नाम और चेहरे की विशेषताओं को बिना अनुमति के उत्पाद में उपयोग किया। दोनों मामलों ने यह स्पष्ट किया कि सितारे अब अपने व्यक्तिगत ब्रांड पर कानूनी अधिकारों को लागू कर रहे हैं, जिसे पर्सनैलिटी या पब्लिसिटी राइट्स कहा जाता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय कानून में पब्लिसिटी राइट को बौद्धिक संपदा के व्यापक ढाँचे में मान्यता मिलती है, परंतु न्यायिक निर्णय अभी विकसित हो रहे हैं। इन हालिया दायरियों से भविष्य में विज्ञापन, डिजिटल अवतार और एआई‑जनित सामग्री के नियमन में दिशा-निर्देश बन सकते हैं।
उद्योग के विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ती मुकदमेबाजी से विज्ञापन कंपनियों को सितारे की छवि उपयोग करने से पहले स्पष्ट लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता पड़ेगी। इन हाई‑प्रोफ़ाइल मामलों के परिणाम भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर पर्सनैलिटी राइट्स के प्रचलन को प्रभावित करेंगे।