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सीगल इंडिया संयुक्त उपक्रम ने अरुणाचल प्रदेश में 704.70 करोड़ रुपये का सड़क कार्य अनुबंध जीता
✍️ Construction World
🗓 28 अग. 2026, 03:18 PM
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सीगल इंडिया के संयुक्त उपक्रम को अरुणाचल प्रदेश में 704.70 करोड़ रुपये मूल्य का सड़क निर्माण अनुबंध मिला, जो राज्य की बुनियादी ढांचा योजना में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सीगल इंडिया के संयुक्त उपक्रम को अरुणाचल प्रदेश में 704.70 करोड़ रुपये मूल्य का सड़क निर्माण कार्य मिला है। राज्य सार्वजनिक कार्य विभाग ने इस अनुबंध की घोषणा की, जो कंपनी के पोर्टफोलियो में एक बड़ा जोड़ है और उत्तर-पूर्व में बुनियादी ढांचा विकास में निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
यह परियोजना राज्य की व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारना, दूरस्थ जिलों को मुख्य राजमार्गों से जोड़ना है। विशिष्ट मार्ग का विवरण अभी नहीं दिया गया, पर अधिकारियों ने बताया कि इसमें बड़े पैमाने पर धरती कार्य, पुल निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्ग मानकों के अनुसार पक्की सड़कों का निर्माण शामिल होगा।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस अनुबंध से सीगल इंडिया की तकनीकी क्षमता और वित्तीय शक्ति पर भरोसा दिखता है, खासकर उत्तर-पूर्व के कठिन भूभाग को देखते हुए। सड़क के पूरा होने से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय समुदायों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुधार की उम्मीद है।
कंपनी ने अगले कुछ हफ्तों में कार्य आरंभ करने की योजना बनाई है, बशर्ते अंतिम मंजूरी और आवश्यक सामग्री की खरीद पूरी हो जाए। परियोजना की समयसीमा और माइलस्टोन को राज्य और केंद्र सरकार के बुनियादी ढांचा निगरानी एजेंसियों द्वारा करीबी तौर पर देखा जाएगा।
यह परियोजना राज्य की व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारना, दूरस्थ जिलों को मुख्य राजमार्गों से जोड़ना है। विशिष्ट मार्ग का विवरण अभी नहीं दिया गया, पर अधिकारियों ने बताया कि इसमें बड़े पैमाने पर धरती कार्य, पुल निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्ग मानकों के अनुसार पक्की सड़कों का निर्माण शामिल होगा।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस अनुबंध से सीगल इंडिया की तकनीकी क्षमता और वित्तीय शक्ति पर भरोसा दिखता है, खासकर उत्तर-पूर्व के कठिन भूभाग को देखते हुए। सड़क के पूरा होने से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय समुदायों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुधार की उम्मीद है।
कंपनी ने अगले कुछ हफ्तों में कार्य आरंभ करने की योजना बनाई है, बशर्ते अंतिम मंजूरी और आवश्यक सामग्री की खरीद पूरी हो जाए। परियोजना की समयसीमा और माइलस्टोन को राज्य और केंद्र सरकार के बुनियादी ढांचा निगरानी एजेंसियों द्वारा करीबी तौर पर देखा जाएगा।