📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
देश
बिहार के सरकारी अस्पताल में फ्रैक्चर मरीज के पैर पर गत्ता: स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
✍️ Amar Ujala · Muzaffarpur
🗓 27 जून 2026, 12:01 AM
👁 25
पूर्वी चंपारण जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक सड़क हादसे के फ्रैक्चर मरीज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उचित स्प्लिंट की जगह गत्ते से प्राथमिक उपचार दिए जाने की बात सामने आई है।
पूर्वी चंपारण के सुगौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ सड़क हादसे में घायल हुए एक फ्रैक्चर मरीज को कथित तौर पर प्राथमिक उपचार के नाम पर गत्ते का इस्तेमाल किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घायल अंग पर स्प्लिंट की जगह गत्ते का टुकड़ा बांधा गया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह घटना एक सड़क हादसे के बाद हुई, जिसमें कुल चार लोगों की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हुए थे। हालांकि, रिपोर्ट का मुख्य केंद्र फ्रैक्चर मरीज को मिला अपर्याप्त चिकित्सा उपचार है।
सुगौली सीएचसी में इस तरह की स्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में संभावित कमियों को उजागर करती है, खासकर दुर्घटना पीड़ितों को आवश्यक प्राथमिक देखभाल प्रदान करने के संबंध में। चिकित्सा उपचार के लिए अस्थायी सामग्री का उपयोग ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतर संसाधनों और प्रक्रियाओं की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।
यह घटना एक सड़क हादसे के बाद हुई, जिसमें कुल चार लोगों की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हुए थे। हालांकि, रिपोर्ट का मुख्य केंद्र फ्रैक्चर मरीज को मिला अपर्याप्त चिकित्सा उपचार है।
सुगौली सीएचसी में इस तरह की स्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में संभावित कमियों को उजागर करती है, खासकर दुर्घटना पीड़ितों को आवश्यक प्राथमिक देखभाल प्रदान करने के संबंध में। चिकित्सा उपचार के लिए अस्थायी सामग्री का उपयोग ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतर संसाधनों और प्रक्रियाओं की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।