📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ravi Dwivedi
ऑटोमोबाइल
सीएक्यूएम ने 2027 से दिल्ली‑एनसीआर में चरणबद्ध ईवी योजना की घोषणा की
✍️ The Economic Times
🗓 20 अग. 2026, 09:37 PM
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सेंट्रल अथॉरिटी फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 2027 से दिल्ली‑एनसीआर में चरणबद्ध इलेक्ट्रिक वाहन योजना के दिशानिर्देश जारी किए हैं।
सेंट्रल अथॉरिटी फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली‑एनसीआर में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के चरणबद्ध परिचय के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसमें पहला चरण 2027 से शुरू होगा। इन दिशानिर्देशों में समय‑सीमा, चार्जिंग बुनियादी ढाँचा और अनुपालन मानकों का विवरण दिया गया है, जिन्हें निर्माताओं और सेवा प्रदाताओं को पालन करना होगा।
CAQM के दस्तावेज़ के अनुसार, इस योजना को कई चरणों में लागू किया जाएगा, जहाँ प्रत्येक चरण में विशिष्ट वाहन वर्ग और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अलग‑अलग हिस्सों को लक्षित किया जाएगा। यह पहल मौजूदा चार्जिंग नेटवर्क परियोजनाओं के साथ तालमेल बिठाते हुए पावर ग्रिड की क्षमता को भी सुनिश्चित करती है।
यह कदम देश के व्यापक उत्सर्जन‑कम करने और सतत गतिशीलता को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है। जबकि दिशानिर्देश उद्योग के लिए स्पष्ट अपेक्षाएँ स्थापित करते हैं, यह सरकार की दिल्ली‑एनसीआर जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्र में ईवी अपनाने को तेज़ करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाते हैं।
ऑटोमोबाइल निर्माताओं और विद्युत कंपनियों सहित सभी हितधारकों से अपेक्षा की जा रही है कि वे अगले कुछ महीनों में CAQM को विस्तृत कार्यान्वयन प्रस्ताव प्रस्तुत करें, जिसके बाद चरणबद्ध समय‑सारणी को परिष्कृत कर सार्वजनिक किया जाएगा।
CAQM के दस्तावेज़ के अनुसार, इस योजना को कई चरणों में लागू किया जाएगा, जहाँ प्रत्येक चरण में विशिष्ट वाहन वर्ग और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अलग‑अलग हिस्सों को लक्षित किया जाएगा। यह पहल मौजूदा चार्जिंग नेटवर्क परियोजनाओं के साथ तालमेल बिठाते हुए पावर ग्रिड की क्षमता को भी सुनिश्चित करती है।
यह कदम देश के व्यापक उत्सर्जन‑कम करने और सतत गतिशीलता को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है। जबकि दिशानिर्देश उद्योग के लिए स्पष्ट अपेक्षाएँ स्थापित करते हैं, यह सरकार की दिल्ली‑एनसीआर जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्र में ईवी अपनाने को तेज़ करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाते हैं।
ऑटोमोबाइल निर्माताओं और विद्युत कंपनियों सहित सभी हितधारकों से अपेक्षा की जा रही है कि वे अगले कुछ महीनों में CAQM को विस्तृत कार्यान्वयन प्रस्ताव प्रस्तुत करें, जिसके बाद चरणबद्ध समय‑सारणी को परिष्कृत कर सार्वजनिक किया जाएगा।