चुनाव में लोकतंत्र की ताकत मत पिटी होनी चाहिए
वर्दी का असली सम्मान तभी होता है जब उसका असर अपराधों में डर और आम जन में विश्वास के रूप में दिखाई दे
डीग में चुनाव और एसपी शरण गोपीनाथ की सख्ती!
अगर डीग जिले की कमान एसपी कांबले शरण गोपीनाथ के हाथों में नहीं होती तो न जाने चुनावों के दौरान कितनी जगह शराब बंटती, कितने परिवार इसकी गिरफ्त में आते और कितने घरों का सुकून तबाह होता!
चुनाव में लोकतंत्र की ताकत मतपेटी होनी चाहिए, शराब की बोतल नहीं। अवैध शराब और चुनावी प्रलोभनों पर पुलिस की सख्ती ने यह संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं।
आज डीग की जनता एसपी के कामकाज, पुलिस की सक्रियता और निष्पक्ष चुनाव कराने की दिशा में किए गए प्रयासों पर चर्चा कर रही है।
वर्दी का असली सम्मान तभी है, जब उसका असर अपराधियों में डर और आमजन में विश्वास के रूप में दिखाई दे!
अगर डीग जिले की कमान एसपी कांबले शरण गोपीनाथ के हाथों में नहीं होती तो न जाने चुनावों के दौरान कितनी जगह शराब बंटती, कितने परिवार इसकी गिरफ्त में आते और कितने घरों का सुकून तबाह होता!
चुनाव में लोकतंत्र की ताकत मतपेटी होनी चाहिए, शराब की बोतल नहीं। अवैध शराब और चुनावी प्रलोभनों पर पुलिस की सख्ती ने यह संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं।
आज डीग की जनता एसपी के कामकाज, पुलिस की सक्रियता और निष्पक्ष चुनाव कराने की दिशा में किए गए प्रयासों पर चर्चा कर रही है।
वर्दी का असली सम्मान तभी है, जब उसका असर अपराधियों में डर और आमजन में विश्वास के रूप में दिखाई दे!