📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pringle & Booth
विदेश
2027 तक 2 लाख अस्थायी कामगारों को मिलेगा कनाडा का स्थायी निवास
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 07 नव. 2026, 09:01 AM
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कनाडा सरकार ने कहा है कि वर्तमान में काम कर रहे 2 लाख अस्थायी निवासियों को 2027 में स्थायी निवास का अधिकार मिलेगा, जिससे भारतीय प्रवासियों की उम्मीदें बढ़ी हैं।
ओटावा ने एक नई नीति की घोषणा की है, जिसके तहत 2027 तक 2 लाख अस्थायी निवासियों को स्थायी निवासी बनाया जाएगा। यह पहल उन लोगों को लक्षित करती है जो पहले से ही कनाडा में रह रहे हैं और काम कर रहे हैं, उन्हें नागरिकता की स्पष्ट राह प्रदान करती है। अधिकारियों ने बताया कि इस कदम से कुशल श्रम को बनाए रखने और जनसांख्यिकीय चुनौतियों का समाधान होगा।
यह घोषणा भारतीय प्रवासी समुदाय में सकारात्मक प्रतिक्रिया पाई है, जिनमें से कई कार्य वीज़ा या छात्र वीज़ा पर हैं। समुदाय के नेताओं ने कहा कि समय सीमा के करीब आते ही आवेदन में वृद्धि होगी, और यह नीति भारतीय नागरिकों के दीर्घकालिक स्थायित्व को सुदृढ़ करेगी।
कनाडा के इमीग्रेशन मंत्रालय ने आगे के पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया को आने वाले महीनों में स्पष्ट किया जाएगा। अतिरिक्त प्रोत्साहन की जानकारी अभी नहीं दी गई है, पर यह नीति विदेशी कामगारों के लिए अधिक स्थायी विकल्प प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम कनाडा के श्रम बाजार को सुदृढ़ करेगा और भारतीय पेशेवरों को सामाजिक लाभों और स्थिरता तक बेहतर पहुँच देगा। यह समय‑सीमा देश के 2027 के इमीग्रेशन लक्ष्य के साथ मेल खाती है, जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास और जनसंख्या की जरूरतों को संतुलित करना है।
यह घोषणा भारतीय प्रवासी समुदाय में सकारात्मक प्रतिक्रिया पाई है, जिनमें से कई कार्य वीज़ा या छात्र वीज़ा पर हैं। समुदाय के नेताओं ने कहा कि समय सीमा के करीब आते ही आवेदन में वृद्धि होगी, और यह नीति भारतीय नागरिकों के दीर्घकालिक स्थायित्व को सुदृढ़ करेगी।
कनाडा के इमीग्रेशन मंत्रालय ने आगे के पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया को आने वाले महीनों में स्पष्ट किया जाएगा। अतिरिक्त प्रोत्साहन की जानकारी अभी नहीं दी गई है, पर यह नीति विदेशी कामगारों के लिए अधिक स्थायी विकल्प प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम कनाडा के श्रम बाजार को सुदृढ़ करेगा और भारतीय पेशेवरों को सामाजिक लाभों और स्थिरता तक बेहतर पहुँच देगा। यह समय‑सीमा देश के 2027 के इमीग्रेशन लक्ष्य के साथ मेल खाती है, जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास और जनसंख्या की जरूरतों को संतुलित करना है।