📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prong$31
रक्षा
कोलकाता हाई कोर्ट ने सेना के जवान के खिलाफ झूठा केस रोक दिया
✍️ The Indian Express
🗓 27 अग. 2026, 06:48 AM
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कोलकाता हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि सेना के एक जवान को झूठे मामले में खींचा नहीं जा सकता, उसे सुरक्षा प्रदान की गई।
कोलकाता हाई कोर्ट ने एक सेवा में रहे सेना के जवान के लिए सुरक्षा आदेश जारी किया, यह कहा कि न्यायालय को किसी सैनिक को झूठे मामले में खींचने के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि रक्षा कर्मियों की प्रतिष्ठा को बेसहारा कानूनी कार्रवाई से बचाना आवश्यक है।
अदालत ने यह भी कहा कि उस जवान के खिलाफ लगाए गए आरोपों में ठोस सबूत नहीं हैं और वे बनावटी प्रतीत होते हैं। इसलिए मामला खारिज कर दिया गया और सैनिक को आगे की किसी भी प्रक्रिया से मुक्त कर दिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि यह फैसला यह सिद्ध करता है कि सेना के सदस्यों को निरर्थक मुकदमों से बचाया जाना चाहिए, जिससे उनका मनोबल और कार्यक्षमता बनी रहे। भविष्य में समान मामलों में यह निर्णय एक मिसाल बन सकता है।
अदालत ने यह भी कहा कि उस जवान के खिलाफ लगाए गए आरोपों में ठोस सबूत नहीं हैं और वे बनावटी प्रतीत होते हैं। इसलिए मामला खारिज कर दिया गया और सैनिक को आगे की किसी भी प्रक्रिया से मुक्त कर दिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि यह फैसला यह सिद्ध करता है कि सेना के सदस्यों को निरर्थक मुकदमों से बचाया जाना चाहिए, जिससे उनका मनोबल और कार्यक्षमता बनी रहे। भविष्य में समान मामलों में यह निर्णय एक मिसाल बन सकता है।