📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This image was taken by Vyacheslav Argenberg
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सीएजी ने जयपुर ट्रैफिक पुलिस में 70.55% स्टाफ कमी पाई
✍️ The Times of India
🗓 28 अग. 2026, 12:34 AM
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कम्प्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ने जयपुर ट्रैफिक पुलिस में 70% से अधिक स्टाफ कमी बताई, जिससे ट्रैफ़िक प्रबंधन पर असर पड़ सकता है।
कम्प्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) की रिपोर्ट में बताया गया है कि जयपुर ट्रैफिक पुलिस में 70.55% स्टाफ की कमी है। यह कमी शहर के बढ़ते ट्रैफिक को संभालने के लिए आवश्यक कर्मियों की संख्या से बहुत कम है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस कमी के कारण ट्रैफिक नियंत्रण, दुर्घटना प्रतिक्रिया और सड़क सुरक्षा नियमों के प्रवर्तन जैसे दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे पीक आवर्स में ट्रैफिक जाम और प्रतिक्रिया समय में देरी की संभावना बढ़ रही है।
राज्य अधिकारियों को अतिरिक्त अधिकारियों की भर्ती और संसाधनों के पुनः आवंटन की सलाह दी गई है। CAG ने स्टाफिंग मानकों की पुनः समीक्षा और योग्य उम्मीदवारों को ट्रैफिक पुलिस में आकर्षित करने के उपायों को लागू करने की सिफारिश की है।
यदि इस कमी को तुरंत नहीं सुधारा गया तो जयपुर में सड़क सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं और ट्रैफिक उल्लंघनों को संभालने की क्षमता घट सकती है। रिपोर्ट ने शहर की परिवहन जरूरतों के अनुरूप पुलिस शक्ति को बढ़ाने की तात्कालिक आवश्यकता पर बल दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस कमी के कारण ट्रैफिक नियंत्रण, दुर्घटना प्रतिक्रिया और सड़क सुरक्षा नियमों के प्रवर्तन जैसे दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे पीक आवर्स में ट्रैफिक जाम और प्रतिक्रिया समय में देरी की संभावना बढ़ रही है।
राज्य अधिकारियों को अतिरिक्त अधिकारियों की भर्ती और संसाधनों के पुनः आवंटन की सलाह दी गई है। CAG ने स्टाफिंग मानकों की पुनः समीक्षा और योग्य उम्मीदवारों को ट्रैफिक पुलिस में आकर्षित करने के उपायों को लागू करने की सिफारिश की है।
यदि इस कमी को तुरंत नहीं सुधारा गया तो जयपुर में सड़क सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं और ट्रैफिक उल्लंघनों को संभालने की क्षमता घट सकती है। रिपोर्ट ने शहर की परिवहन जरूरतों के अनुरूप पुलिस शक्ति को बढ़ाने की तात्कालिक आवश्यकता पर बल दिया है।