📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pankajmcait
सरकारी योजना
सीएजी रिपोर्ट: 40% झारखंड के जल जीवन मिशन लाभार्थी असंतुष्ट
✍️ The Times of India
🗓 13 अग. 2026, 08:33 PM
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कंट्रोलर और ऑडिटर जनरल ने बताया कि झारखंड में जल जीवन मिशन से लाभान्वित लगभग 40% परिवार इस योजना से असंतुष्ट हैं।
जल जीवन मिशन (JJM), जिसे केंद्रीय सरकार ने ग्रामीण परिवारों को पाइपलाइन जल उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया, झारखंड में मिश्रित परिणाम दिखा रहा है। कंट्रोलर और ऑडिटर जनरल (सीएजी) के हालिया ऑडिट के अनुसार, राज्य में लाभार्थियों में से 40% इस योजना के कार्यान्वयन से असंतुष्ट हैं।
ऑडिट रिपोर्ट में जल आपूर्ति की विश्वसनीयता और वितरण नेटवर्क के रखरखाव में कमी को प्रमुख कारण बताया गया है। जबकि मिशन का लक्ष्य प्रति व्यक्ति प्रति दिन 20 लीटर जल उपलब्ध कराना है, कई परिवारों को अवरुद्ध आपूर्ति और गुणवत्ता समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इन निष्कर्षों से झारखंड में JJM की प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं और राज्य सरकार को बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने के लिए प्रयास तेज करने की आवश्यकता का संकेत मिलता है। ऑडिट ने खरीद प्रक्रियाओं की समीक्षा, जल गुणवत्ता की बेहतर निगरानी और मजबूत जवाबदेही तंत्र की मांग की है।
इसके जवाब में, झारखंड सरकार ने ऑडिट को स्वीकार किया है और केंद्रीय अधिकारियों के साथ मिलकर सुधारात्मक उपायों को तेज करने का वादा किया है। राज्य के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक मूल्यांकन करने और मरम्मत व उन्नयन को शीघ्रता से पूरा करने का आश्वासन दिया है।
सीएजी की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि झारखंड के सभी ग्रामीण परिवारों को विश्वसनीय, सुरक्षित पीने योग्य जल उपलब्ध कराने के लिए सतत निवेश और निगरानी की आवश्यकता है।
ऑडिट रिपोर्ट में जल आपूर्ति की विश्वसनीयता और वितरण नेटवर्क के रखरखाव में कमी को प्रमुख कारण बताया गया है। जबकि मिशन का लक्ष्य प्रति व्यक्ति प्रति दिन 20 लीटर जल उपलब्ध कराना है, कई परिवारों को अवरुद्ध आपूर्ति और गुणवत्ता समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इन निष्कर्षों से झारखंड में JJM की प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं और राज्य सरकार को बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने के लिए प्रयास तेज करने की आवश्यकता का संकेत मिलता है। ऑडिट ने खरीद प्रक्रियाओं की समीक्षा, जल गुणवत्ता की बेहतर निगरानी और मजबूत जवाबदेही तंत्र की मांग की है।
इसके जवाब में, झारखंड सरकार ने ऑडिट को स्वीकार किया है और केंद्रीय अधिकारियों के साथ मिलकर सुधारात्मक उपायों को तेज करने का वादा किया है। राज्य के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक मूल्यांकन करने और मरम्मत व उन्नयन को शीघ्रता से पूरा करने का आश्वासन दिया है।
सीएजी की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि झारखंड के सभी ग्रामीण परिवारों को विश्वसनीय, सुरक्षित पीने योग्य जल उपलब्ध कराने के लिए सतत निवेश और निगरानी की आवश्यकता है।