📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Manishwiki15
स्वास्थ्य
पचमढ़ी झील के पानी में कैडमियम सहित भारी धातुएँ मिलीं, कैंसर जोखिम बढ़ा
✍️ Amar Ujala · Sagar
🗓 13 अक्टू. 2026, 11:15 PM
👁 22
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पचमढ़ी झील के पानी में कैडमियम सहित भारी धातुओं की मौजूदगी पाई, जिससे कैंसर जोखिम और पर्यावरणीय नुकसान बढ़ने की चेतावनी दी गई।
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की शोध टीम ने मध्य प्रदेश के पचमढ़ी झील के जल की जांच की और कैडमियम सहित कई भारी धातुओं की मौजूदगी की पुष्टि की। प्रयोगशाला परीक्षणों से पता चला कि इन धातुओं की सांद्रता पीने और मनोरंजन के जल के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों से अधिक है।
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी कि कैडमियम और समान धातुओं के दीर्घकालिक संपर्क से विभिन्न प्रकार के कैंसर, किडनी की खराबी और श्वसन संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ता है। यदि जल की सफाई तुरंत नहीं की गई तो झील पर निर्भर रहने वाले स्थानीय लोगों को गंभीर स्वास्थ्य खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
मानव स्वास्थ्य के अलावा, अध्ययन ने झील के जलीय पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभावों की ओर इशारा किया, जैसे मछलियों की विषाक्तता और सूक्ष्मजीव संतुलन में बाधा। शोधकर्ताओं ने राज्य पर्यावरण विभाग को त्वरित निगरानी और धातु स्तर को कम करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की सिफारिश की है।
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी कि कैडमियम और समान धातुओं के दीर्घकालिक संपर्क से विभिन्न प्रकार के कैंसर, किडनी की खराबी और श्वसन संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ता है। यदि जल की सफाई तुरंत नहीं की गई तो झील पर निर्भर रहने वाले स्थानीय लोगों को गंभीर स्वास्थ्य खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
मानव स्वास्थ्य के अलावा, अध्ययन ने झील के जलीय पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभावों की ओर इशारा किया, जैसे मछलियों की विषाक्तता और सूक्ष्मजीव संतुलन में बाधा। शोधकर्ताओं ने राज्य पर्यावरण विभाग को त्वरित निगरानी और धातु स्तर को कम करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की सिफारिश की है।