📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / User:Anish kr das
अपराध
खंडवा के माता चौक के पास अवैध शराब की दुकान पर बुल्डोजर ने की ध्वस्त कार्रवाई
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 01 सित. 2026, 09:36 PM
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राजस्व, आबकारी और पुलिस बलों ने मध्य प्रदेश के खंडवा में माता चौक के पास स्थित अवैध शराब की दुकान को बुल्डोजर से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
खंडवा जिले के अधिकारी ने माता चौक के पास स्थित एक अनधिकृत शराब की दुकान को ध्वस्त करने के लिए एक संयुक्त कार्रवाई शुरू की। राजस्व, आबकारी और पुलिस बलों की मिलीजुली टीम ने भारी बुल्डोजर का उपयोग कर इस अस्थायी इमारत को पूरी तरह तोड़ दिया।
राजस्व विभाग और आबकारी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी इस कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे और उन्होंने बताया कि यह प्रतिष्ठान कई नियमों का उल्लंघन करता था, जिसमें अवैध निर्माण और बिना लाइसेंस के शराब का व्यापार शामिल है। पुलिस ने स्थल को सुरक्षित किया ताकि कोई विरोध न हो और ध्वस्त करने के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह अवैध दुकान समुदाय के लिए परेशानी का कारण बन रही थी, अक्सर शोर-शराबे और बिन‑लाइसेंस शराब के सेवन की संभावना के कारण। प्रशासन इस कदम को क्षेत्र में समान अवैध कारबार को रोकने के लिए एक चेतावनी के रूप में पेश कर रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि ध्वस्त करने का काम कुछ ही घंटों में पूरा हो गया और भविष्य में बिना उचित अनुमति के पुनर्निर्माण न हो, इसके लिए साइट की कड़ी निगरानी की जाएगी। यह कदम मध्य प्रदेश में बिन‑लाइसेंस शराब के खिलाफ चल रहे व्यापक प्रतिबंध का हिस्सा है।
राजस्व विभाग और आबकारी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी इस कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे और उन्होंने बताया कि यह प्रतिष्ठान कई नियमों का उल्लंघन करता था, जिसमें अवैध निर्माण और बिना लाइसेंस के शराब का व्यापार शामिल है। पुलिस ने स्थल को सुरक्षित किया ताकि कोई विरोध न हो और ध्वस्त करने के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह अवैध दुकान समुदाय के लिए परेशानी का कारण बन रही थी, अक्सर शोर-शराबे और बिन‑लाइसेंस शराब के सेवन की संभावना के कारण। प्रशासन इस कदम को क्षेत्र में समान अवैध कारबार को रोकने के लिए एक चेतावनी के रूप में पेश कर रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि ध्वस्त करने का काम कुछ ही घंटों में पूरा हो गया और भविष्य में बिना उचित अनुमति के पुनर्निर्माण न हो, इसके लिए साइट की कड़ी निगरानी की जाएगी। यह कदम मध्य प्रदेश में बिन‑लाइसेंस शराब के खिलाफ चल रहे व्यापक प्रतिबंध का हिस्सा है।