📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Survey of India
बिज़नेस
1 अक्टूबर से बल्क एफडी नियमों में बदलाव, निवेशकों पर असर की संभावना
✍️ Amar Ujala
🗓 28 सित. 2026, 05:56 AM
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1 अक्टूबर से बैंकों द्वारा बल्क एफडी के नियमों में संशोधन किया जाएगा, जिससे उच्च मूल्य वाले निवेशकों के लिए ब्याज दरें और पात्रता प्रभावित हो सकती हैं। यह परिवर्तन मौद्रिक नीति के अनुरूप बल्क एफडी को लाने का प्रयास है।
अमर उजाला के अनुसार, बल्क एफडी के संशोधित दिशानिर्देश 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होंगे। बल्क एफडी सामान्यतः एक निश्चित सीमा से अधिक की जमा राशि को संदर्भित करता है, जो अक्सर 2 करोड़ रुपये होती है, और इसे निगम, ट्रस्ट या उच्च netto मूल्य वाले व्यक्तियों द्वारा रखा जाता है।
आगामी परिवर्तन में ऐसी जमा पर दिए जाने वाले ब्याज दरों में समायोजन, साथ ही न्यूनतम जमा राशि या अवधि आवश्यकताओं में संशोधन शामिल हो सकता है। बैंक इन मानदंडों को मौजूदा liquidity और ब्याज दर पर्यावरण के अनुरूप करने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए, इस संशोधन से बड़े मूल्य वाली Fixed Deposit पर मिलने वाले रिटर्न प्रभावित हो सकते हैं, जिससे कॉर्पोरेट ट्रेजरी को अपनी अल्पकालिक निवेश रणनीति की पुनर्मूल्यांकन करने की आवश्यकता पड़ सकती है। खुदरा निवेशक, जो आमतौर पर छोटी एफडी रखते हैं, को बल्क‑विशिष्ट परिवर्तनों से सीधा प्रभाव कम होने की संभावना है।
आगामी परिवर्तन में ऐसी जमा पर दिए जाने वाले ब्याज दरों में समायोजन, साथ ही न्यूनतम जमा राशि या अवधि आवश्यकताओं में संशोधन शामिल हो सकता है। बैंक इन मानदंडों को मौजूदा liquidity और ब्याज दर पर्यावरण के अनुरूप करने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए, इस संशोधन से बड़े मूल्य वाली Fixed Deposit पर मिलने वाले रिटर्न प्रभावित हो सकते हैं, जिससे कॉर्पोरेट ट्रेजरी को अपनी अल्पकालिक निवेश रणनीति की पुनर्मूल्यांकन करने की आवश्यकता पड़ सकती है। खुदरा निवेशक, जो आमतौर पर छोटी एफडी रखते हैं, को बल्क‑विशिष्ट परिवर्तनों से सीधा प्रभाव कम होने की संभावना है।