Crime
बदायूं में एनडीपीएस आरोपी की दबिश पर पुलिस अधिकारियों को निलंबन, विभाग में हड़कंप
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बदायूं जिले में एनडीपीएस एक्ट के आरोपी की तलाश में दबिश देने गई पुलिस टीम पर परिजनों से मारपीट के आरोप पर बस्तियोई चौकी प्रभारी सहित पाँच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।
बदायूं जिले में एनडीपीएस एक्ट के आरोपी उदय प्रकाश की तलाश में दबिश देने गई पुलिस टीम पर उसके परिजनों के साथ मारपीट और अभद्रता करने के आरोप सामने आए। शिकायत के बाद जाँच की गई, जिसमें बस्तियोई चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मनीष भारद्वाज तथा चार अन्य पुलिसकर्मियों के आचरण को नियमों के विपरीत पाया गया।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने जाँच रिपोर्ट के आधार पर मनीष भारद्वाज, हरीश, सुरजीत, संदीप भाटी और लोकेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए। यह कदम अनुशासन बनाए रखने और शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
मामले की जाँच सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह को सौंपी गई थी, जिन्होंने पुलिस अधिकारियों के व्यवहार और कार्रवाई की प्रक्रिया की विस्तृत पड़ताल की। जाँच में पाया गया कि दबिश के दौरान आरोपी घर पर न होने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने परिजनों के साथ शारीरिक दखल दिया।
उदय प्रकाश के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है और लगभग छह महीने पहले वह बुलंदशहर जेल में था। जेल से रिहा होने के बाद पुलिस को उसके गांव दियोहरा शेखपुर में मौजूद होने की सूचना मिली, जिससे यह दबिश शुरू हुई।
पुलिस विभाग ने इस कार्रवाई को अनुशासनिक उपाय के रूप में प्रस्तुत किया है और आगे की जाँच के आधार पर अतिरिक्त कदम उठाने का संकेत दिया है।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने जाँच रिपोर्ट के आधार पर मनीष भारद्वाज, हरीश, सुरजीत, संदीप भाटी और लोकेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए। यह कदम अनुशासन बनाए रखने और शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
मामले की जाँच सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह को सौंपी गई थी, जिन्होंने पुलिस अधिकारियों के व्यवहार और कार्रवाई की प्रक्रिया की विस्तृत पड़ताल की। जाँच में पाया गया कि दबिश के दौरान आरोपी घर पर न होने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने परिजनों के साथ शारीरिक दखल दिया।
उदय प्रकाश के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है और लगभग छह महीने पहले वह बुलंदशहर जेल में था। जेल से रिहा होने के बाद पुलिस को उसके गांव दियोहरा शेखपुर में मौजूद होने की सूचना मिली, जिससे यह दबिश शुरू हुई।
पुलिस विभाग ने इस कार्रवाई को अनुशासनिक उपाय के रूप में प्रस्तुत किया है और आगे की जाँच के आधार पर अतिरिक्त कदम उठाने का संकेत दिया है।