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बिदारी में क़ित्तूर रानी चेनम्मा के जयन्ती समारोह का भव्य उद्घाटन, भग्यवती ने किया स्वागत
बिदारी में क़ित्तूर रानी चेनम्मा के जयन्ती समारोह का भव्य उद्घाटन भग्यवती ने किया, जिसमें रत्ना पाटीली, डॉ.ललितम्मा आदि प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
बिदारी के बीवीबी कॉलेज रोड पर स्थित चेनम्मा वृत के पास मंगलवार को क़ित्तूर रानी चेनम्मा के जयन्ती कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन भग्यवती ने किया। कार्यक्रम में रत्ना पाटीली, संतोषी अरुणकुमार, प्रिया पप्पू, डॉ.ललितम्मा, डॉ.देवकी, विद्यावती हिरेमठ, शरणप्प होतपेट, रेवणसिद्दप्प जलादे, भारती वस्त्र आदि कई गण्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
बसवनगर महिला मंडल अध्यक्ष रत्ना पाटीली, नगर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष विनोद अप्पे और जयन्ती समिति संचालक रेवणसिद्दप्प जलादे सहित विभिन्न वक्ताओं ने क़ित्तूर रानी चेनम्मा के संघर्ष और स्त्री शक्ति के महत्व को उजागर किया। जयन्ती समिति के दानियों के सहयोग से रानी चेनम्मा की भव्य कांस्य प्रतिमा की स्थापना और शहर में ‘चेनम्मा मार्ग’ नामक पथ की स्वीकृति पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र की उपलब्धियों के लिए डॉ.देविका अशोककुमार नागूरे, डॉ.ए.सी.ललितम्मा और साहित्य व शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों के लिए उपाध्याय विद्यावती हिरेमठ को ‘क़ित्तूर रानी चेनम्मा’ पुरस्कार से नवाज़ा गया।
भग्यवती ने युवाओं को रानी चेनम्मा के जीवन से आत्मविश्वास, स्वाभिमान और समाजमुखी जिम्मेदारी की प्रेरणा लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रानी चेनम्मा के बलिदान और देशभक्ति के बारे में युवा पीढ़ी को जागरूक करने हेतु स्कूल-कॉलेजों में चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन आवश्यक है।
बसवनगर महिला मंडल अध्यक्ष रत्ना पाटीली, नगर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष विनोद अप्पे और जयन्ती समिति संचालक रेवणसिद्दप्प जलादे सहित विभिन्न वक्ताओं ने क़ित्तूर रानी चेनम्मा के संघर्ष और स्त्री शक्ति के महत्व को उजागर किया। जयन्ती समिति के दानियों के सहयोग से रानी चेनम्मा की भव्य कांस्य प्रतिमा की स्थापना और शहर में ‘चेनम्मा मार्ग’ नामक पथ की स्वीकृति पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र की उपलब्धियों के लिए डॉ.देविका अशोककुमार नागूरे, डॉ.ए.सी.ललितम्मा और साहित्य व शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों के लिए उपाध्याय विद्यावती हिरेमठ को ‘क़ित्तूर रानी चेनम्मा’ पुरस्कार से नवाज़ा गया।
भग्यवती ने युवाओं को रानी चेनम्मा के जीवन से आत्मविश्वास, स्वाभिमान और समाजमुखी जिम्मेदारी की प्रेरणा लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रानी चेनम्मा के बलिदान और देशभक्ति के बारे में युवा पीढ़ी को जागरूक करने हेतु स्कूल-कॉलेजों में चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन आवश्यक है।