शिक्षा
बिदर में इंदिराबाई शेठकार प्रौढ़ विद्यालय में 'सुरक्षित बाल्य' अभियान के तहत कानून जागरूकता कार्यक्रम
बिदर के इंदिराबाई शेठकार प्रौढ़ विद्यालय में 'सुरक्षित बाल्य' अभियान के तहत कानून जागरूकता और सहायता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य और जेएमएफसी-2 न्यायाधीश देशभूषण कौजलगी ने बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न रोकने के लिए पोक्सो कानून के महत्व पर प्रकाश डाला।
बिदर में चिदंबर शिक्षण संस्था द्वारा संचालित श्रीमती इंदिराबाई गुरुतप्प शेठकार प्रौढ़ विद्यालय में शुक्रवार को 'सुरक्षित बाल्य' अभियान के अंतर्गत कानून जागरूकता और सहायता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य और जेएमएफसी-2 न्यायाधीश देशभूषण कौजलगी ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि पोक्सो कानून का प्रवर्तन केवल बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।
न्यायाधीश ने सभी बच्चों को सलाह दी कि यदि उन पर किसी भी प्रकार का उत्पीड़न होता है, तो उन्हें तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि जिला कानून सेवा प्राधिकरण पीड़ितों को न्याय दिलाने में उनकी सहायता करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कई बार अन्याय के शिकार होने वाले व्यक्ति शिकायत दर्ज करने से हिचकिचाते हैं, जिसके कारण अपराधी बिना किसी डर के घूमते रहते हैं।
कार्यक्रम में वकील बी.एस. पाटिल ने बोलते हुए छात्रों को साहसी बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में अनुशासन और समय की महत्व को समझना बहुत ज़रूरी है। विद्यालय के प्रधानाचार्य लक्ष्मण पूजारी ने भी अपने भाषण में बच्चों को अच्छी आदतें अपनाने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि छोटी गलतियों या घटनाओं को नजरअंदाज करने से भविष्य में बड़ी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए किसी भी समस्या को छोटे स्तर पर ही हल करना चाहिए।
इस कार्यक्रम में गांधीगंज थाने की एएसआई सावित्री, बाल संरक्षण अधिकारी नेलसन, सदगुरु सिद्धारूढ़ महिला पदवी महाविद्यालय के प्राचार्य नागप्पा जानकनोर, निर्मला कुलकर्णी, सत्यवान भोसले, शरणाप्पा सागर, शिवशंकर और गोपाल कुलकर्णी उपस्थित थे। पुलिस विभाग के बसवराज जिरगे भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन नागनाथ बिरादार ने किया।
न्यायाधीश ने सभी बच्चों को सलाह दी कि यदि उन पर किसी भी प्रकार का उत्पीड़न होता है, तो उन्हें तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि जिला कानून सेवा प्राधिकरण पीड़ितों को न्याय दिलाने में उनकी सहायता करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कई बार अन्याय के शिकार होने वाले व्यक्ति शिकायत दर्ज करने से हिचकिचाते हैं, जिसके कारण अपराधी बिना किसी डर के घूमते रहते हैं।
कार्यक्रम में वकील बी.एस. पाटिल ने बोलते हुए छात्रों को साहसी बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में अनुशासन और समय की महत्व को समझना बहुत ज़रूरी है। विद्यालय के प्रधानाचार्य लक्ष्मण पूजारी ने भी अपने भाषण में बच्चों को अच्छी आदतें अपनाने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि छोटी गलतियों या घटनाओं को नजरअंदाज करने से भविष्य में बड़ी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए किसी भी समस्या को छोटे स्तर पर ही हल करना चाहिए।
इस कार्यक्रम में गांधीगंज थाने की एएसआई सावित्री, बाल संरक्षण अधिकारी नेलसन, सदगुरु सिद्धारूढ़ महिला पदवी महाविद्यालय के प्राचार्य नागप्पा जानकनोर, निर्मला कुलकर्णी, सत्यवान भोसले, शरणाप्पा सागर, शिवशंकर और गोपाल कुलकर्णी उपस्थित थे। पुलिस विभाग के बसवराज जिरगे भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन नागनाथ बिरादार ने किया।