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बीदर: बच्चों के जीवन में नैतिक मूल्यों के समावेश पर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश का जोर
वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश राघवेंद्र उपाध्याय ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए रामायण और महाभारत के नैतिक मूल्यों को अपनाने और बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
बीदर के गिरजा सभा मंडप में सरस्वती शिक्षा विकास समिति द्वारा आयोजित 'सुरक्षित बचपन अभियान' के दौरान वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश राघवेंद्र उपाध्याय ने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्य हमें पितृवाक्य पालन, भाईचारा, मित्रता, त्याग और अहंकार के दुष्परिणामों जैसे जीवन के महत्वपूर्ण पाठ सिखाते हैं।
न्यायाधीश उपाध्याय ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए बचपन से ही उन्हें सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों के विकास हेतु उपयुक्त वातावरण प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए जन-जागरूकता की आवश्यकता बताई और कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा, पोक्सो (POCSO) अधिनियम और बच्चों की सुरक्षा के प्रति छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को जागरूक करना हम सभी का कर्तव्य है।
इसके साथ ही उन्होंने बच्चों द्वारा मोबाइल के अत्यधिक उपयोग और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के प्रति भी सचेत किया। कार्यक्रम में क्षेत्र शिक्षा अधिकारी बसवंतरय जीद्दे और सरस्वती शिक्षा विकास समिति के अध्यक्ष प्रो. एस.बी. सज्जनशेट्टी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने बच्चों के मानसिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित करने और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर विभिन्न अधिकारी, शिक्षक और छात्र उपस्थित थे।
न्यायाधीश उपाध्याय ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए बचपन से ही उन्हें सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों के विकास हेतु उपयुक्त वातावरण प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए जन-जागरूकता की आवश्यकता बताई और कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा, पोक्सो (POCSO) अधिनियम और बच्चों की सुरक्षा के प्रति छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को जागरूक करना हम सभी का कर्तव्य है।
इसके साथ ही उन्होंने बच्चों द्वारा मोबाइल के अत्यधिक उपयोग और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के प्रति भी सचेत किया। कार्यक्रम में क्षेत्र शिक्षा अधिकारी बसवंतरय जीद्दे और सरस्वती शिक्षा विकास समिति के अध्यक्ष प्रो. एस.बी. सज्जनशेट्टी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने बच्चों के मानसिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित करने और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर विभिन्न अधिकारी, शिक्षक और छात्र उपस्थित थे।