📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prasanth 05
जीवनशैली
ब्रिटानिया ने बिस्कुट पर छापी तिरुक्कुरल की पंक्तियाँ, छिड़ी बहस
✍️ India Today
🗓 07 जुल. 2026, 12:17 PM
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खाद्य कंपनी ब्रिटानिया ने अपने बिस्कुटों पर प्रसिद्ध तमिल नैतिक ग्रंथ तिरुक्कुरल के दोहे छापना शुरू कर दिया है। इस कदम ने प्राचीन साहित्य के साथ जनता की सहभागिता पर इसके संभावित प्रभाव के बारे में चर्चा छेड़ दी है।
खाद्य निर्माता ब्रिटानिया ने अपने बिस्कुट उत्पादों पर प्रसिद्ध तमिल साहित्यिक कृति, तिरुक्कुरल की पंक्तियों को छापकर एक नया तरीका पेश किया है। इस पहल का उद्देश्य एक लोकप्रिय उपभोक्ता वस्तु के माध्यम से इस प्राचीन ग्रंथ को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाना है।
नैतिकता, शासन और प्रेम पर आधारित दोहों का संग्रह, तिरुक्कुरल तमिल साहित्य का एक आधार स्तंभ है, जिसका पारंपरिक रूप से अध्ययन और पाठ किया जाता है। बिस्कुटों पर इसके अंशों को छापने से इस कार्य के पठन और सराहना को बढ़ावा देने में इसकी प्रभावशीलता के बारे में बातचीत शुरू हो गई है।
हालांकि कंपनी का इरादा उपभोक्ताओं को तिरुक्कुरल की बुद्धिमत्ता से परिचित कराना है, लेकिन इस बात पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह तरीका वास्तविक जुड़ाव पैदा करेगा या केवल एक सतही नवीनता के रूप में काम करेगा।
नैतिकता, शासन और प्रेम पर आधारित दोहों का संग्रह, तिरुक्कुरल तमिल साहित्य का एक आधार स्तंभ है, जिसका पारंपरिक रूप से अध्ययन और पाठ किया जाता है। बिस्कुटों पर इसके अंशों को छापने से इस कार्य के पठन और सराहना को बढ़ावा देने में इसकी प्रभावशीलता के बारे में बातचीत शुरू हो गई है।
हालांकि कंपनी का इरादा उपभोक्ताओं को तिरुक्कुरल की बुद्धिमत्ता से परिचित कराना है, लेकिन इस बात पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह तरीका वास्तविक जुड़ाव पैदा करेगा या केवल एक सतही नवीनता के रूप में काम करेगा।