📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
शिक्षा
BPSC नियंत्रक की ‘हाथी चले बाजार’ टिप्पणी पर CM की नाराज़गी
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 24 अग. 2026, 07:18 PM
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बीपीएससी नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने AEDU और TRE‑4 परीक्षा से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘हाथी चले बाजार…’ कहावत कहकर विरोधकारियों को निशाना बनाया, जिससे माफी के बाद मुख्यमंत्री की कड़ी प्रतिक्रिया आई।
बिहार सार्वजनिक सेवा आयोग (BPSC) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने AEDU और TRE‑4 परीक्षाओं से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में विरोधकारियों को ‘हाथी चले बाजार…’ कहावत से संबोधित किया, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ। यह टिप्पणी वीडियो में दर्ज हुई और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिससे कई लोगों ने इसे अपमानजनक बताया।
वायरल प्रतिक्रिया के बाद सिंह ने सार्वजनिक माफी माँगी, यह कहते हुए कि उनका बयान अनुचित था और यह आयोग की उम्मीदवारों की चिंताओं के प्रति रवैये को प्रतिबिंबित नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि BPSC निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
माफी के बावजूद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस टिप्पणी को ‘अस्वीकार्य’ कहा और वरिष्ठ अधिकारी के इस प्रकार के बयान पर नाराज़गी जताई। मुख्यमंत्री ने आयोग से विनती की कि वह उम्मीदवारों की शिकायतों को गंभीरता से ले और सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करे।
यह घटना BPSC के परीक्षा‑संबंधी मुद्दों के प्रति बढ़ती जांच को और तीव्र करती है, जहाँ उम्मीदवार और राजनेता स्पष्ट संवाद और जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।
अभी तक सिंह के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है, पर यह घटना राज्य में सार्वजनिक परीक्षाओं की संवेदनशीलता और अधिकारियों से पेशेवर व्यवहार की अपेक्षा को उजागर करती है।
वायरल प्रतिक्रिया के बाद सिंह ने सार्वजनिक माफी माँगी, यह कहते हुए कि उनका बयान अनुचित था और यह आयोग की उम्मीदवारों की चिंताओं के प्रति रवैये को प्रतिबिंबित नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि BPSC निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
माफी के बावजूद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस टिप्पणी को ‘अस्वीकार्य’ कहा और वरिष्ठ अधिकारी के इस प्रकार के बयान पर नाराज़गी जताई। मुख्यमंत्री ने आयोग से विनती की कि वह उम्मीदवारों की शिकायतों को गंभीरता से ले और सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करे।
यह घटना BPSC के परीक्षा‑संबंधी मुद्दों के प्रति बढ़ती जांच को और तीव्र करती है, जहाँ उम्मीदवार और राजनेता स्पष्ट संवाद और जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।
अभी तक सिंह के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है, पर यह घटना राज्य में सार्वजनिक परीक्षाओं की संवेदनशीलता और अधिकारियों से पेशेवर व्यवहार की अपेक्षा को उजागर करती है।