📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vice President's Secretariat
अपराध
एमपी के स्कूल में लड़के ने सहपाठियों को पेशाब मिला पानी पिलवाया
✍️ Hindustan Times
🗓 19 अग. 2026, 04:38 PM
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मध्य प्रदेश के एक स्कूल में एक छात्र ने कई लड़कियों को पेशाब मिला पानी पिलवाया, जिससे प्रधानाचार्य ने हस्तक्षेप कर चॉकलेट देने का प्रस्ताव रखा।
मध्य प्रदेश के एक स्कूल में एक छात्र ने अपने पेशाब को पानी में मिलाकर कई सहपाठियों को पीने के लिए मजबूर किया, जिससे स्कूल में हंगामा मच गया। स्कूल के प्रबंधन ने इस घटना की सूचना दी और छात्रों की सुरक्षा एवं अनुशासन के मुद्दे को गंभीरता से उठाया।
प्रधानाचार्य ने बताया कि पीड़ित लड़कियों को तुरंत स्कूल के मेडिकल कक्ष में ले जाया गया और उनकी स्थिति पर नजर रखी गई। स्थिति को शांत करने के प्रयास में प्रधानाचार्य ने उन्हें चॉकलेट देने का प्रस्ताव रखा, जिससे अभिभावकों और स्टाफ में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखी गईं।
स्कूल ने इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके और यह समझा जा सके कि इस प्रकार की घटना कैसे घटी। पुलिस को भी सूचित किया गया है और संबंधित बाल संरक्षण एवं आपराधिक कानूनों के तहत जांच की जाएगी।
पीड़ित छात्रों के अभिभावकों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है और त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार के उत्पीड़न को रोका जा सके। यह घटना राज्य भर में शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और बुलिंग के मुद्दे को उजागर करती है।
जांच के आगे के परिणाम और अनुशासनात्मक कदमों के बारे में जानकारी उपलब्ध होते ही साझा की जाएगी।
प्रधानाचार्य ने बताया कि पीड़ित लड़कियों को तुरंत स्कूल के मेडिकल कक्ष में ले जाया गया और उनकी स्थिति पर नजर रखी गई। स्थिति को शांत करने के प्रयास में प्रधानाचार्य ने उन्हें चॉकलेट देने का प्रस्ताव रखा, जिससे अभिभावकों और स्टाफ में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखी गईं।
स्कूल ने इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके और यह समझा जा सके कि इस प्रकार की घटना कैसे घटी। पुलिस को भी सूचित किया गया है और संबंधित बाल संरक्षण एवं आपराधिक कानूनों के तहत जांच की जाएगी।
पीड़ित छात्रों के अभिभावकों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है और त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार के उत्पीड़न को रोका जा सके। यह घटना राज्य भर में शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और बुलिंग के मुद्दे को उजागर करती है।
जांच के आगे के परिणाम और अनुशासनात्मक कदमों के बारे में जानकारी उपलब्ध होते ही साझा की जाएगी।